मंडला, 28 सितम्बर 2026
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। मण्डला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम पिपरिया की निवासी श्रीमती आरती बैरागी की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है। आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले आरती बैरागी के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय थी और छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था। इस तंगी से उबरने के लिए उन्होंने ’रामा जी स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर ’लक्ष्मी ग्राम संगठन’ की सदस्यता ली। मिशन के मार्गदर्शन में उन्होंने स्वराज्ञी संकुल परिषद में सीआरपी के रूप में कार्य करना शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह 6 हजार से 7 हजार रुपये की आय होने लगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
अपनी आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने के लिए आरती बैरागी ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से 1 लाख रुपये का बैंक सीसीएल ऋण प्राप्त किया और वाहन खरीदा। वाहन का व्यावसायिक उपयोग शुरू करने के बाद अब वे प्रतिमाह लगभग 15 हजार से 18 हजार रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। अपनी मेहनत और शासकीय योजनाओं के सहयोग से आज आरती जी न केवल पूरी तरह आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक नींव को भी मजबूत किया है। अपनी इस सफलता, प्रगति और समाज में मिले सम्मान के लिए उन्होंने देश के माननीय प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
