मण्डला 10 फरवरी 2021
शहद प्रसंस्करण इकाई के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले में प्राकृतिक उत्पादों की असीम संभावनाएं हैं, प्रशासन स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। सेंटर ऑफ डिस्कवरी फॉर विलेज डेवलपमेंट द्वारा राजीव कॉलोनी में स्थापित शहद प्रसंस्करण की यह इकाई जिले में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने में मददगार साबित होगी। कार्यक्रम में कान्हा नेशनल पार्क के डायरेक्टर एसके सिंह, नाबार्ड के जिला प्रबंधक अखिलेश वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा शहद संग्राहक उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिन पर जिले की अर्थव्यवस्था निर्भर रहती है। उन्होंने कहा कि जिले में जंगल और जंगल आधारित विकास की आवश्यकता है। स्व-सहायता समूहों को प्राकृतिक उत्पादों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के उत्पाद देश के विभिन्न महानगरों में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं। इन उत्पादों को अमेजन एवं फ्लिपकार्ड जैसे ऑनलाईन मार्केट में भी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राकृतिक उत्पादों के माध्यम से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में कोदो-कुटकी एवं महुआ सहित अन्य प्राकृतिक उत्पादों का चिन्हांकन कर योजना अनुरूप कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में वन धन केन्द्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कान्हा नेशनल पार्क के डायरेक्टर एसके सिंह ने कहा कि जिले में प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हमें प्रकृति का दोहन करते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। प्रकृति का दोहन करना चाहिए शोषण नहीं। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी का संबंध कृषि की उत्पादकता से रहता है। अतः शहद संग्रहण का कार्य वैज्ञानिक विधि से किया जाए। प्रकृति को संजोकर रखें, अतिरिक्त का उपयोग करें। उन्होंने विश्वास जताया कि शहद के व्यवसाय से ग्रामीणजनों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। नाबार्ड के प्रबंधक अखिलेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नाबार्ड द्वारा हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में सेंटर ऑफ डिस्कवरी फॉर विलेज डेवलपमेंट के डायरेक्टर निशार कुरैशी ने अपने प्रतिवेदन में शहद प्रसंस्करण इकाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. गजेन्द्र गुप्ता ने किया।
