Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

गरीबों को नहीं मिल रहा राशन, राशन की पर्ची के लिए निकायों के चक्कर लगा रहे गरीब क्या प्रभारी मंत्री करेंगे गरीबों के निवाले की समस्या का निराकरण

मंडला। आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में बड़ी संख्या में ऐसे गरीब परिवार हैं, जिन्हें यदि दिन में भोजन किसी तरह नसीब हो जाता है तो यह निश्चित नहीं होता कि रात में भोजन मिलेगा या नहीं। कोरोना काल में तो इस तरह के गरीबों के सामने भारी समस्या पैदा हो गई थी। इस तरह की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने कदम उठाया जिसमें कहा गया कि कोरोना काल में ऐसे गरीब जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी अस्थायी पर्ची देकर राशन दिया जाए, लेकिन आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में शासन के इन निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
मात्र 1168 लोगों को मिला लाभ
संपूर्ण मंडला जिले में मात्र 1168 लोग ही है जिन्हें राशन कार्ड नहीं होने पर राशन के लिए अस्थायी पर्ची बनाकर दी गई और मई माह से जुलाई माह तक उन्हें राशन दिया जा रहा है। जिसमें 5 किग्रा प्रति सदस्य की दर से गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है।
समाजसेवी इन्द्रजीत भण्डारी का कहना है कि उन्होंने जिले के कई क्षेत्रों के भ्रमण में यह पाया कि कई गरीब भिक्षावृत्ति करने वाले, अति गरीब वंचित परिवार के लोग हैं जिन्हें शासन के निःशुल्क राशन सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है। समाजसेवी इन्द्रजीत भण्डारी का कहना है कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री का आज 8 जुलाई को नगर आगमन हो रहा है। वे जिले के ऐसे गरीब जिन्हें इस कोरोना काल में राशन कार्ड नहीं होने पर राशन नहीं मिल पा रहा था, उन्हें राशन के लिए भटकाया जा रहा है उन गरीबों की समस्या को लेकर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
क्या मशीन खा रही राशन?
सरकार का दावा है कि गरीब भूखा न रहे जिसके लिए सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यही नहीं राशन वितरण में पारदर्शिता रखने के लिए विशेष पीओएस मशीन से राशन वितरण किया जा रहा है जबकि देखने में आ रहा है, यह मशीन सर्वर से संचालित होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों की छोड़ दें जिला मुख्यालय में ही कई बार सर्वर नहीं होने की बात कहकर सेल्समेन गरीबों को बैरंग लौटा देते हैं। कई राशन कार्डधारियों ने यह भी बताया कि राशन कार्ड में पिछले कई सालों से परिवार के सभी सदस्यों के नाम जुड़े हुए हैं लेकिन कई बार अचानक पीओएस मशीन में सदस्यों के नाम ही हट जाते हैं जिसके लिए खाद्य विभाग, पंचायत या फिर संबंधित निकाय जाने के लिए कहा जाता है लेकिन यहां भी बार-बार आधार कार्ड, समग्र आईडी देने के बाद भी पीओएस मशीन में जहां सभी सदस्यों के नाम दिखाई नहीं देते, जिसके कारण जितने सदस्य पीओएस मशीन में दिखाई देते हैं सिर्फ उतने ही सदस्यों के नाम का राशन दिया जाता है।
इनका कहना है।
जिले भर में मात्र 1168 बगैर राशन कार्ड वालों को राशन उपलब्ध कराया गया है, जबकि जिले में बड़ी संख्या में गरीब, भिक्षावृत्ति करने वाले लोग हैं जिन्हें अस्थायी पर्ची बनाकर देने के नाम पर भटकाया जा रहा है इस समस्या को लेकर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इन्द्रजीत भण्डारी
समाजसेवी
———————————-
——————————-
दस्तावेज सत्यापन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे अभिभावक
मंडला। गरीब अभिभावकों के बच्चे भी बड़े प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर सकें इसके लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूल में गरीब अभिभावकों के बच्चों का दाखिला दिला रही है, जिसमें कक्षा पहली में दर्ज कुल विद्यार्थियों की 25 प्रतिशत संख्या के आधार बच्चों को दाखिला दिलाया जा रहा है। वर्तमान में इसके लिए आॅनलाईन आवेदन की तिथि 9 जुलाई है इसके पूर्व में 30 जून तक आवेदन लिए जाने थे जिसे बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है।
दस्तावेज सत्यापन के नाम पर भटक रहे अभिभावक
कई अभिभावकों ने बताया कि आॅन लाईन आवेदन के लिए कई तरह के दस्तावेज जुटाकर किसी तरह आॅन लाईन आवेदन कराया गया। आॅनलाईन आवेदन के बाद संबंधित संकुल केन्द्र में जाकर दस्तावेज सत्यापन कराना होता है। अभिभावकों ने बताया कि सत्यापन कार्य भी आॅन लाईन माध्यम से किया जा रहा है जिसमें संकुल के शिक्षक अपने मोबाईल में लोड पोर्टल के माध्यम से दस्तावेज को देख परख कर जानकारी लोड करते हैं, लेकिन 30 जून के बाद दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है संकुल केन्द्रों के शिक्षक बता रहे हैं कि सर्वर की समस्या के चलते सत्यापन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने बताया कि आॅन लाईन दस्तावेज सत्यापन के बाद अभिभावक के मोबाईल पर सत्यापन संबंधित मैसेज आएगी लेकिन 30 जून के बाद सत्यापन नहीं हो रहा है।
अभिभावक परेशान
अभिभावकों ने बताया किसी तरह आॅन लाईन आवेदन तो कर कर दिया गया, पैसे खर्च किए गए, इसके बाद भी दस्तावेज सत्यापन नहीं होने से उन्हें चिंता सता रही है कि यदि समय रहते दस्तावेज सत्यापन नहीं हो सका तो कहीं उनके बच्चों को समय रहते स्कूल में दाखिला हो पाएगा या नहीं।

Related posts

रेवा इंडिया न्यूज मुख्य समाचार मंडला 19 दिसम्बर 2023

Reva India News

मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत जनजागरूकता शिविर संपन्न

Reva India News

हैल्थ केयर वर्करों को लगा कोविड वैक्सीन के द्वितीय डोज का टीका

Reva India News

Leave a Comment