प्रति,
महामहीम राज्यपाल / कलेक्टर महोदय जी. जिला मण्डला म0प्र0
विषय:- आदिवासियों / अनुसूचित जनजातियों के हितों एवं अधिकारों के उचित क्रियान्वयन के संबंध में ज्ञापन सौंपने बावद।
उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि जनजातियों / आदिवासियों के विभिन्न हित अधिकारों एवं संरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर सर्व आदिवासी सामाजिक संगठन माध्यप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के सभी जनजाति सामाजिक संगठनों के सर्व सहमति से संवैधानिक अधिकार पद यात्रा 2021 के दौरान निम्न आवेदन समाज / क्षेत्र से प्राप्त हुए जो निम्नानुसार है।
यह कि ग्राम पंचायत अमवार एवं विकास खण्ड मबई के अनेकों गावों में वन अधिकार के व्यक्तिगत दावे अभी तक पेंडिंग है उन्हें शीघ्रता से पूर्ण कर वन अधिकार का पट्टा प्रदान किया जाये। एवं वन अधिकार के सामुदायिक फार्म (ख) एवं (ग) का सही तरीके से क्रियान्यावयन अभी तक नहीं हुआ है। जबकि लगभग 25 ग्रामों से CFR की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकि है परन्तु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बंद है। इसलिए अभी तक किसी गांव को CFR एवं CFRR नहीं मिला है। 2. यह कि विषेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा बैगा चक के बैगाओं के लिए है परन्तु इसका फायदा कस्बाई
एवं शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले बैगा जनजाति के लोग उठाते है। अतः विशेष पिछड़ी जनजाति
को मिलने वाले लाभ वन और गांव में वास्तविक रूप से पिछड़े लोगों को मिले ऐसी व्यवस्था की जाये। 3. यह कि विस्थापित ग्राम साजालघान में पीड़ित परिवार को जितनी मुआवजा राषि मिलनी थी वह नहीं दिया गया है। जिस 18 वर्ष से अधिक लोगों को पात्र माना गया है तथा उसी अनुपात में मुआवजा राषि (जैसे परिवार में कुल सदस्य जिसमें 3 व्यस्क और 3 अव्यस्क) दी गई. फिर वह 17 वर्ष 11 माह 29 दिन का ही क्यों ना हो उसे अपात्र माना गया है। ऐसे में ढेर सारी विसंगतियां पैदा हो गये है। जैसे आर्थिक परेषानी, घरेलू झगड़ा, जमीन की कमी आदि अनेक परेषानी से ग्रषित हो गये है। अतः उन्हें परिवार संख्या अनुसार मुआवजा राषि शेष बचे लोगों को प्राथमिकता से प्रदान किया जाये।
4. यह कि विस्थापित ग्राम साजालघान में कुछ ऐसे परिवार भी रहे है जो मुआवजा राषि मिलने के पहले ही डर के कारण गांव छोड़कर चले गये थे उन्हें सत्यापित कर मुआवजा राषि तात्कालीन समय में परिवार संख्या अनुसार राषि दिया जाये। 5. यह कि विकास खण्ड मुख्यालय मबई से छत्तीसगढ़ सीमा तक रोड निर्माण कराया जाये एवं ब्लाक
मुख्यालय मबई से सठिया तक रोड निर्माण कराया जाये। 6. यह कि भारिया जनजाति को छिन्दवाड़ा में विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा दिया गया है। जबकि मण्डला जिले में सामान्य जनजाति के रूप में अंकित है। अतः भारिया जनजाति का मांग है कि बैगा जनजाति के तर्ज पर हमें भी मण्डला जिला में विशेष पिछड़ी जनजाति का लाभ दिया जाये।
7.
यह कि पनिका जाति शहडोल संभाग में अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज है जबकि अन्य क्षेत्रों में
अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में हैं अतः उचित सर्वे कर जनजाति का दर्जा प्रदान किया जाये। 18. यह कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला गैर अनुसूचित पुरुष से विवाह करती है तो उसे अनुसूचित जनजाति का लाभ ना दिया जाये साथ ही पैतृक सम्पति से वंचित कर अनुसूचित जनजाति के रूप में ना माना जाये एवं जितना भी लाभ अनुसूचित जनजाति के रूप में प्राप्त की है उसे वापस ले लिया जाये। चूँकि जनजाति समाज में बहन / बेटी सामाजिक सम्मान और सामाजिक सम्पत्ति वाहक है। ऐसे में समाज की बहन / बेटी गैर जनजाति समाज में जाती है तो सामाजिक सम्मान में इस तो होता ही है साथ में सम्पत्ति का भी नुकसान होता है।
9. यह कि अनुसूचित जनजाति के रूप में उन्ही को माना जाये जो अपनी पुरखा रूढ़ि के अनुसार अपना जीवन संचालित करते हैं। अर्थात अपनी मूल व्यवस्था को छोड़ने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जनजाति से हटा दिया जाये।10. यह कि अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के नाम पर गैर जनजाति के लोगों के द्वारा चल एवं अचल सम्पत्ति की खरीद फरोख्त को रोका जाये एवं इस तरह के असंवैधानिक कृत्यों का जाँच कर दोषी
व्यक्ति पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। 11. यह कि OSS महासभा के द्वारा यह मांग है कि अन्य पिछड़ा वर्ग को विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं
राजकीय ढाँचा में 27 प्रतिषत आरक्षण दिया जाये या जनसंख्या के अनुपात में विभिन्न सेवाओं में स्थान
निर्धारित किया जाये।
12. यह कि प्रदेष के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों में बैकलॉग की भर्ती पूर्ण की जाये। 13. यह कि माध्यमिक शाला रेहटाखेरो 2008 09 से संचालित हैं। पर आज तक माध्यमिक शाला भवन नहीं बना है। जबकि पोर्टल में भवन बताया जाता है और इस विषय में उच्चाधिकारियों को सूचित करने पर भी संतोषप्रद उत्तर नहीं मिला, रेहटाखेरो ग्राम पंचायत अमवार के पोषक ग्राम है जहां पर अति पिछड़ी
जनजाति बैगा निवास करते है। जहां पर बैगा बालिका का अनुपात अधिक है वहां पर बैगा बालिकाओं
के लिए कन्या परिसर जैसे संस्थान खोला जाना चाहिये था वहीं आज तक माध्यमिक शाला का भवन
नहीं बनवाया गया है।
14. म0प्र0 के समस्त पेंशनरों को केन्द्र के भांति महगाई भत्था दी जाए व नई पेंशन नीति बंद की जाए। 15. ग्राम अवराघुधरा ग्राम पंचायत अमवार सड़क की सुविधा नहीं होने से शासन की अन्य सुविधा जैसे जननी एक्सप्रेस व बरसात के दिन में बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते। 16. ग्राम बसनी ग्राम पंचायत बसनी एक तरफ स्कूल चले हम जैसे शासन की योजनाएँ
चल रही है परन्तु ग्राम बसनी माध्यमिक स्कूल तो संचालित है चूँकि भवन आज तक नही बना है। 17. ग्राम पंचायत चंदवारा रैयत टोकर टोला स्कूल भवन जर्जर है जिससे दुर्घटना की संभावना बना रहता
है अतः अतिशीघ्र बनवाया जाए एवं तालाब बनवाया जाए। 18 ग्राम मोहगांव ग्राम पंचायत सारसडोली ग्राम मोहगाँव में बिजली बिल बहुत ज्यादा आता है माह मे 3000 से 4000 तक आ जाता है। जबकि गाह में 10 -12 दिन ही जलती है। 19. मवई से सारस डोली होते हुए तथा मवई से मड़वा होते हुए सोंढा बुढ़नेर नदी, चकराघाट से ग्राम
करेली जिला डिडौरी पहुँच मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाए। 20. ग्राम बीजा ग्राम पंचायत बीजा से कुटरवानी तक पहुँच मार्ग को प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ा
जाए एवं कुटरचानी से ग्राम बुडला के बीच में हलोन नदी में पुल निर्माण करया जाए। 21. रहटा खेरो से पीपर खुटटा तक प्रधानमंत्री सड़क योजना में जोड़ा जाए।
22 ग्राम नुनसरई ग्राम पंचायत अमवार में जागपानी टोला में पेयजल की विकट समस्या है लोग नाला के
पानी पीने को मजबूर है तथा इसी मोहल्ला में बिजली भी नहीं लगा है। 23. ग्राम मैनपुरी पंचायत कोलमगहन में अवैध रेत उत्खनन चल रहा है, इससे अतिशीघ्र रोक लगया जाय तथा जिला के समस्त क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को रोका जाए तथा ग्राम कोलगहन में पारंपारिक
सीमा का अधिकार पत्र प्रदान किया जाए। 24 जनपद पंचायत मवई के अंतर्गत ग्राम पोड़ी से ग्राम बसनी के बीच नदी में पुल का निर्माण कराया जाए
क्योंकि बरसात के दिन अवागमन बाधित रहता है, जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते
