मंडला, 30 अक्टूबर 2025
मंडला जिले में धान कटाई उपरांत खेत में खड़ी नरवाई को हटाने के लिये कृषि अभियांत्रिकी मंडला द्वारा कृषकों को बेलर मशीन अनुदान पर उपलब्ध करायी जा रही है। ग्राम अलीपुर वि.ख. नैनपुर के कृषक श्री तुलसीराम ठाकुर के खेत में बेलर मशीन का प्रदर्शन कृषि अभियांत्रिकी विभाग मंडला द्वारा किया गया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग से सहायक कृषि यंत्री, मंडला श्रीमति प्रियंका मेश्राम, उपयंत्री भावना मरावी, कंपनी अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर मे. माँ वैष्णवी इंटरप्राइजेज के प्रबंधक श्री ललित नारायण उपाध्याय, मैनेजर श्री अनिल गौतम, डिमॉन्स्ट्रेटर श्री प्रेम सिंह धुर्वे, गोमधी कंपनी के जॉनल मैनेजर द्वारा क्षेत्रीय कृषकों को नरवाई प्रबंधन बेलर, श्रेडर/मल्चर के लाभ और अन्य पराली न जलाने के लाभ समझाए गये।

नरवाई (फसल अवशेष) में आग लगाना कृषि के लिए नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके अलावा खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जन-धन, संपत्ति, प्राकृतिक, वनस्पति और जीव-जन्तु नष्ट होने से व्यापक नुकसान भी होता है तथा नरवाई जलाने से खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होने के कारण खेत की उर्वरा शक्ति घट जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। खेत में कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा नष्ट करने जैसा है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बेलर मशीन के उपयोग से नरवाई को ईधन के रूप में व अन्य औद्योगिक जरूरत के रूप में उपयोग कर अतिरिक्त लाभ कमाया जा सकता है। मशीन की कीमत लगभग 4 लाख 50 हजार रूपये एवं अनुदान की अधिकतम राशि 2 लाख 10 हजार रूपये है। उक्त मशीन कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अनुदान पर https://dbt.mpdage.org पोर्टल के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।

