मण्डला 20 जनवरी 2021
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन लगने के एक दिन बाद नर्स के कोरोना पॉजीटिव होने की खबर जो आज तक चैनल में दिखाई जा रही है वह भ्रामक है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि कोविड-19 का वैक्सीन लगाते समय नर्स को कोविड-19 के किसी प्रकार के लक्षण नहीं थे। परीक्षण करने के बाद ही टीका लगाया गया। कोरोना का संक्रमण काल तीन से सात दिन के बाद ही लक्षण प्रकट होते है, चूंकि नर्स अस्पताल में कार्य करती है, जिससे इस प्रकार का इन्फेक्शन व्यायसायिक खतरे का होना स्वाभाविक हैं। वैक्सीन लगते समय नर्स को कोरोना के लक्षण नहीं थे। टीका लगने के एक दिन बाद नर्स को सर्दी, बुखार हुआ। उसके बाद उनका रेपिड एन्टीजन के माध्यम से टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, जिसका नमूने को आईसीएमआर लेब जबलपुर को भी कर्न्फम हेतु भेजा गया है।
सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जानकारी दी कि कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड है जो व्यक्ति के शरीर में जाने के बाद रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। कोविड-19 का टीके के दो डोज हैं, पहला टीका लगने के बाद क्षमता विकसित नहीं होती है, दूसरा टीका 28 दिन के बाद लगाया जाता है, उसके 14 से 15 दिन के बाद रोग से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। कोविशील्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित वैक्सीन है। जिले में 250 से ज्यादा हेत्थ वर्करों को कोविशील्ड का टीका लगाया जा चुका है, जिसमें डॉक्टर भी शामिल है, जिन्हें कोविशील्ड का टीका लगाया गया। किसी में भी दुष्प्रभाव नहीं पाया गया, सभी स्वस्थ है। टीका लगने के बाद भी कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करना है। आज तक न्यूज चैनल में भ्रामक समाचार मण्डला जिला का बताया जा रहा है, पूर्णतः गलत है।
