मण्डला 11 फरवरी 2021
गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना संचालित की जा रही है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्वेता तड़वे ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने की समझाईश दी जाती है तथा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संबंधित महिलाओं से पात्रतानुसार योजना का लाभ लेने का आव्हान किया है।
किसे मिलेगा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ –
सभी गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए पात्र मानी गई हैं। योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी, किसी अन्य कानून से लाभ पा रही प्राइवेट कर्मचारी या फिर पहले सभी किस्तें पा चुकी महिलाओं को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
तीन किस्तों में मिलती है मदद राशि –
इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। पहली किस्त 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय दी जाएगी। दूसरी किस्त 2000 रुपए, यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं। इसी प्रकार तीसरी किस्त 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, ओपीव्ही, डीपीटी और हेपेटाईटिस-बी सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है ।
कैसे करें आवेदन –
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जाता है। महिलाएं वहां जा कर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी इस योजना के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज –
प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के लिए हितग्राही को आधार कार्ड की फोटोकॉपी, बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता की पासबुक, पीएचसी या सरकारी अस्पताल से जारी स्वास्थ्य कार्ड, सरकारी विभाग/कंपनी/संस्थान से जारी कर्मचारी पहचान पत्र प्रस्तुत करना होता है।
