,**प्लास्टिक विहीन नर्मदा जयंती हो** आज जनसुनवाई मैं श्रीमती सरिता अग्निहोत्री द्वारा पुनः प्लास्टिक एवं अमानत पनियों के प्रतिबंध हेतु आवेदन दिया ज्ञात हो श्रीमती सरिता अग्निहोत्री कई दशक से प्लास्टिक के विरोध में काम कर रही है साथ ही कई विकल्प प्लास्टिक के रूप में प्रचार और प्रसारित कर चुकी हैं आपने आज जो आवेदन दिया उसमें प्लास्टिक के दिए जो कि नर्मदा जी के घाट में नर्मदा जी के जल में ही छोड़े जाते है साथ ही नर्मदा जयंती के समय में प्लास्टिक के डिस्पोजल ग्लास पानी पाउच डिस्पोजल प्लेट का उपयोग कर मां नर्मदा के तट को गंदा करते हैं साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है इस हेतु लोग जागरूक हो मां नर्मदा का तट आपके घर का मंदिर है इसे गंदा ना करें आपने आगे बताया कि लोग कचरा जिसमें की प्लास्टिक की मात्रा ज्यादा रहती है उसको जला देते हैं इससे विषैली गैस निकलती हैं और विषैला लोगों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है इस हेतु हर व्यक्ति की जवाबदारी है कि वह अपने घर से निकलने वाले कचरे को स्वयं देखें और पृथक्करण का कार्य वह खुद करें क्योंकि प्लास्टिक पॉलिथीन को एकत्र करके वह नगर पालिका ग्राम पंचायतों को देवें यह कारखानों में ऊर्जा के रूप में काम आ रहा है प्लास्टिक की पन्नी में खाने का सामान सब्जी भाजी साथ ही कांच लोहे का सामान यह सब आम जनता के द्वारा फेंका जाता है तो भूख जानवरों को इसका पता नहीं होता और वे उसे समूचा निकल जाते हैं उनके पेट में यह सब पहुंच कर उनके लिए जानलेवा बन जाता है उस जानवर की मौत के जवाबदार भी हम ही हैं अतः हमें जागरूक होना होगा और जिस तरह से हम अपने घर को साफ रखते हैं उस तरह से अपने परिवेश को भी साफ रखना होगा क्योंकि प्रकृति ही ईश्वर का रूप है
पिछला पद
अगली पोस्ट
