मंडला, 31 मई 2026
रामनगर महल, मण्डला में बालिकाओं के लिए ऐतिहासिक स्थल एक्स्पोजर विजिट स्टडी टूर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने बालिकाओं को रामनगर महल के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि रामनगर का इतिहास 17वीं शताब्दी के गोंड साम्राज्य से जुड़ा हुआ है। यहां स्थित मोती महल का निर्माण गोंड शासक राजा हृदय शाह द्वारा वर्ष 1667 में कराया गया था। चूने, गारे और गुड़ से निर्मित यह भव्य तीन मंजिला महल अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला एवं ऐतिहासिक शिलालेख के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें गोंड शासकों की वंशावली का उल्लेख मिलता है।

बालिकाओं को बेगम महल के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसे ‘चिमनी बेगम’ की स्मृति में निर्मित कराया गया था। इस दौरान बताया गया कि रामनगर क्षेत्र गोंड जनजाति की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और स्थापत्य कला का जीवंत उदाहरण है, जो प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को अपने क्षेत्र के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं पुरातात्विक महत्व से परिचित कराना तथा उनमें ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पी.एल.वी. श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता आरती वरकड़े एवं हरिशंकर कछवाहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

