मण्डला, 19 मार्च 2021
एक जिला एक उत्पाद तथा रोजगार मेला की तैयारियों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि जिले के कोदो कुटकी, महुआ, जनजातीय पेंटिंग तथा हर्बल उत्पादों की महानगरों में खासी मांग है। ब्रांडिंग तथा मार्केंटिंग की दिशा में प्रभावी कार्य करने की। कलेक्टर ने कहा कि जिले के स्व सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं किन्तु हमारा लक्ष्य है कि समूह से जुड़ी प्रत्येक महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होना चाहिये। उन्होंने कहा कि मुर्गीपालन, पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम, पेंटिंग आदि प्रत्येक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुये उनकी आय में बढ़ोत्तरी के प्रयास करें।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि बनिया घुघरी, सिंगारपुर मोहगांव, खुर्सीपार मण्डला तथा कालपी बीजाडांडी आदि क्षेत्रों में कोदो कुटकी, महुआ, हर्रा बहेरा आदि उपजों के लिये वन धन सेंटर के रूप में संग्रह केन्द्र स्थापित करें। इन क्षेत्रों में उत्पादों का संग्रहण तथा प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर हब के रूप में विकसित करें। आवश्यकता अनुसार एक्सपोजर विजिट करायें। उन्होंने इस संबंध में ग्रामीण आजीविका, कृषि तथा नाबार्ड के अधिकारियों को संयुक्त रूप से इन क्षेत्रों का भ्रमण करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि नगरीय क्षेत्रों के समूहों को बुटिक आदि के कार्याें से जोडें। समूह समय सीमा पर गुणवत्ता से कार्य करते हुये प्रतिस्पर्धा में खरे उतरने का प्रयास करें। इस संबंध में महिलाओं को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलायें। उन्होंने कहा कि लम्बे से सक्रिय समूहों पर अध्ययन पर उनके सदस्यों की आर्थिक स्थिति में आये बदलाव का विश्लेषण करें। समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिये शासकीय भवनों में जगह उपलब्ध कराई जाये। जनजातीय पेंटिंग पर कार्यशाला आयोजित करें। कला दीर्धा में समूहों के उत्पादों को रोस्टर बनाकर प्रदर्शित करें। कलेक्टर ने दीदी कैफे के संबंध में भी विस्तार से चर्चा करते हुये आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड स्तर पर आयोजित होने वाले रोजगार मेलों के संबंध में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाये। अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता के प्रयास किये जाये। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
