मण्डला, 27 मार्च 2021
महिला बाल विकास विभाग के अमले ने नारायणगंज विकासखण्ड कूम्हा ग्राम में बाल विवाह को रोकने में सफलता प्राप्त की है। समझाईश दिये जाने पर बालिका के परिवारजन उसकी शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण हो जाने के बाद करने के लिये सहमत हो गये।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्वेता तड़वे ने बताया कि कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जिले में बाल विवाह रोकने के लिये अभियान संचालित कर होने वाले प्रत्येक विवाह में वर वघु की आयु संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन करने के निर्देश दिये गए हैं। इसी क्रम में नारायणगंज विकासखण्ड के ग्राम कूम्हा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुकरती सरौते द्वारा जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से कम उम्र की एक बालिका की शादी होने जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुये परियोजना अधिकारी संजीव मोहर, पर्यवेक्षक प्रीति झारिया, शिक्षिका सफिया सलीम अंसारी, कार्यकर्ता सुकरती सरौते ने बालिका के घर जाकर उनके परिवारजनों को उम्र में शादी के दुष्परिणामों के संबंध में जानकारी दी। दस्तावेजों की जॉच करने में ज्ञात हुये कि बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई। दल के सदस्यों ने परिवारजनों को बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र में बालिका की शादी करना तथा 21 वर्ष से कम आयु में बालक की शादी करना कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर दोनों पक्षों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही का भी प्रावधान है। दल के सदस्यों द्वारा स्वास्थ्य तथा कानूनी कारणों की समझाईश दिये जाने पर शादी की तिथी बालिका के 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक बढ़ा दी गई। इस निर्णय से बालिका भी बहुत खुश है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित समस्त दल द्वारा किये गये कार्यों की सराहना करते हुये उन्हें सार्वजनिक समारोह में सम्मानित करने के निर्देश दिये हैं।
