मण्डला 9 अगस्त 2021
कार्यालय कलेक्टर पंजीयन शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के अंतर्गत पंजीयन योग्य दस्तावेज के पंजीयन के समय पटवारी पर्चा लिये जाने के अधिनियम में कोई प्रावधान नहीं है। मध्यप्रदेश रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1939 के नियम 19 एवं नियम 35 में उप पंजीयक द्वारा सुधार हेतु दस्तावेजों के लौटाये जाने एवं दस्तावेजों के पंजीयन से इंकार किये जाने के कारण दर्शाये गये हैं। इन नियमों में भी पटवारी पर्चा लिये जाने के कोई प्रावधान नहीं है। उप पंजीयक, किसी भी विलेख का पंजीयन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में दिये गये प्रावधानों के अनुसार करता है। उसके द्वारा दस्तावेजों का पंजीयन, विलेख में वर्णित तथ्यों ऋणपुस्तिका, विक्रय भूमि का कम्प्यूटराईज्ड खसरा, नक्शा एवं संलग्न फोटोग्राफ के आधार पर किया जाता है।
पटवारी पर्चा की अनिवार्यता के कारण दस्तावेजों के पंजीयन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है इससे शासन को राजस्व के रूप में प्राप्त होने वाले मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क की क्षति हो रही है। अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि दस्तावेजों का पंजीयन अधिनियम में दिये गये प्रावधानों के आधार पर किया जाना सुनिश्चित करें। पूर्व में इस कार्यालय द्वारा दस्तावेजों के पंजीयन के समय पटवारी पर्चा लिये जाने की अनिवार्यता संबंधी आदेशों को निरस्त किया जाता है। कलेक्टर ने कहा है कि उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें।
