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रेवा इंडिया न्यूज़ मुख्य समाचार 9 सितम्बर 2021

कलेक्टर ने किया बर्राटोला, बक्छेरादौना एवं नरेन्द्रगढ़ का दौरा

 

मण्डला 9 सितम्बर 2021

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने बर्राटोला, बक्छेरादौना एवं नरेन्द्रगढ़ क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने भ्रमण के दौरान बर्राटोला, बक्छेरादौना एवं नरेन्द्रगढ़ स्कूल भवन में संचालित कोविड वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित स्टॉफ से वैक्सीनेशन के लक्ष्य तथा प्रतिदिन किए जा रहे वैक्सीनेशन कार्य की विस्तृत जानकारी ली। श्रीमती सिंह ने वैक्सीनेशन के लिए आए ग्रामीणों से चर्चा की तथा उन्हंे अपने आसपास के लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने राजस्व अमले से मतदाता सूची के अनुसार वैक्सीनेशन के लिए शेष बचे व्यक्तियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर वैक्सीनेशन कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने वैक्सीनेशन की डाटा एंट्री गंभीरतापूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं को कोविड वैक्सीनेशन के साथ-साथ अपने बच्चों के नियमित टीकाकरण कराने की समझाईश भी दी। उन्होंने उपस्थित शासकीय कर्मचारियों से क्षेत्र में वैक्सीनेशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुविधा एवं दूरी को ध्यान में रखते हुए वैक्सीनेशन सत्र आयोजित करें।

कलेक्टर ने खुड़िया पंचायत के अंतर्गत बर्राटोला के नवीन माध्यमिक शाला स्कूल का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने शिक्षक को निर्देशित किया कि बच्चों से मॉस्क एवं सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था बनाएं तथा इस संबंध में बीआरसी को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत् कक्षा आठवी के बच्चों से बातचीत भी की। श्रीमती सिंह ने अलग-अलग विषयों के शिक्षकों के बारे में जानकारी लेते हुए गणित एवं अंग्रेजी विषयों के साथ-साथ अन्य विषयों में विद्यार्थियों की रूचि विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर मीना मसराम एवं संबंधित उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

भंडारताल में हुई हेबीटेट राईट्स के संबंध में ग्रामसभा

 

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने अपने भ्रमण के दौरान वनग्राम भंडारताल में ग्रामीणों के साथ चर्चा की। उन्होंने बैगा आदिवासियों को हेबीटेट राईट्स के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने तहसीलदार से ग्रामीणों द्वारा की जाने वाली सामाजिक तथा धार्मिक गतिविधियों तथा उनके स्थानों के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने बैगा महिलाओं से प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता के बारे में जाना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भंडारताल ग्राम में बैंकिंग गतिविधियों के लिए प्रतिनिधि की व्यवस्था करें। उन्होंने आदिवासी ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उनकी आर्थिक गतिविधियों जैसे वनोपज संग्रहण, तेंदुपत्ता विक्रय आदि के बारे में जाना। कलेक्टर ने ग्रामीणों को वनाधिकार पट्टे, सामुदायिक अधिकार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं जानते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम का नजली नक्शा बनाएं तथा टीम बनाकर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, पीने का पानी, सड़क, नामांकन, सीमांकन, खसरा खतौनी, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। श्रीमती सिंह ने स्व-सहायता समूहों की जानकारी लेते हुए इनसे जुड़ी महिलाओं से बात की। कलेक्टर ने ग्रामीणों से पीडीएस वितरण एवं केरोसीन उपलब्धता के बारे में पूछा। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को कोविड वैक्सीनेशन कराने की समझाईश दी। इस दौरान एडीएम मीना मसराम, एसडीएम मंडला पुष्पेन्द्र अहके, तहसीलदार संगीता गोलिया, नायब तहसीलदार हरिओम ठाकुर तथा संबंधित उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

पोषण जन जागरूकता अभियान का हुआ शुभारंभ

राज्यसभा सांसद श्रीमती उइके ने हरी झंडी दिखाकर किया रथ को रवाना

 

एक सितम्बर से 30 सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत् पोषण माह में पोषण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो, मंडला, द्वारा पोषण प्रचार अभियान कार्यक्रम की शुभारंभ किया गया, जिसमें जागरूकता रथ का शुभारंभ राज्यसभा सांसद श्रीमती संपतिया उईके एवं परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग मंडला श्री अनूप नामदेव, जिला युवा अधिकारी नेहरू युवा केन्द्र श्री प्रतीक सिन्हा, कार्यक्रम सहायक दारा सिंह चौधरी, श्री मनीष सिंगौर परियोजना समन्वयक प्रभारी अजय बैस सहित ग्रामीणजनों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

शुभारंभ के अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि इस पोषण माह में जागरूक रहने की आवश्यकता है। 1 से 31 सितंबर 2021 तक पोषण माह मनाया जा रहा है और अब लोग कुपोषण के प्रति जागरूक हो रहे हैं। आज हमें पोषण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। हमारे आसपास पोषक तत्व युक्त पदार्थ पाए जाते हैं। सभी इसका नियमित उपयोग करें और स्वस्थ रहकर स्वस्थ राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें। जो बच्चे कुपोषित हैं उन्हें सही पोषण मिले। ’सही पोषण, देश रोशन’ इस रथ में विभिन्न पोषण जागरूकता की जानकारी है। यह रथ गांव-गांव जाकर पोषण की जानकारी देगा। हम देखते हैं कि हरी पत्तेदार सब्जियाँ निश्चित तौर से कुपोषण को दूर करने में सहायक होती हैं। आज यह जन जागरूकता अभियान निश्चित तौर पर जागरूकता पैदा करेगा।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी अनूप नामदेव ने कहा कि सितंबर माह में 1 से लेकर 30 सितंबर 2021 तक राष्ट्रीय पोषण माह में विभिन्न जागरूकता गतिविधि की जा रही है और इस वर्ष की थीम ’कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर’ के साथ पोषण माह मनाया जा रहा है और आज आवश्यकता भी इस बात की है कि हम अपने आस-पास पाए जाने वाले पोषक पदार्थों का उपयोग करें। इस अवसर पर फील्ड आउटरीच ब्यूरो के अजय बैस ने जागरूकता गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर ग्रामीणजन सहित महिलाएं उपस्थित थीं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

जिले में अब तक 767.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

 

जिले में इस वर्ष एक जून से 9 सितम्बर के दौरान 767.8 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1220.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 453 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 सितम्बर को मंडला में 2.2, नैनपुर में 4.8, बिछिया में 15.2, घुघरी में 6.2 एवं नारायणगंज में 2.6 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 9 सितम्बर को 5.1 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।

 

 

 

 

 

 

आर्थिक सहायता स्वीकृत

 

मण्डला 9 सितम्बर 2021

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक श्याम बाई निवासी ग्राम जंगलिया की सर्प के काटने से मृत्यु होने के कारण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निवास द्वारा मृतक के निकटतम वारसान को कुल 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। मृतक के निकटतम वारसान आवेदक गोरे लाल को कुल 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

आगामी त्यौहारों में मूर्ति निर्माण के लिए दिशा-निर्देश जारी

जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

 

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षिका सिंह ने क्षेत्रीय अधिकारी म0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विजय नगर जबलपुर से प्राप्त प्रतिवेदन 31 अगस्त 2021 के अनुक्रम में गणेश जी, दुर्गाजी की मूर्तियाँ स्थापित कर पूजा की जाती है एवं पूजा के उपरांत मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। मूर्तियों का विसर्जन प्राकृतिक जल स्त्रोतों में किये जाने से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है एवं जलीय जीवन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। मूर्ति विसर्जन से प्राकृतिक जल स्त्रोतों जैसे नदी, तालाब, झील आदि की गुणवत्ता प्रभावित न हो इसके लिये केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली द्वारा मूर्ति विसर्जन के संबंध में गाईड लाइन जारी की गयी है तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण, सेन्ट्रल जोनल बैच भोपाल 19 दिसम्बर 2013 जारी गाईड लाईन में मूर्ति निर्माण एवं मूर्तियों व ताजियों के विसर्जन हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर मण्डला जिले में मूर्ति निर्माण एवं विसर्जन से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम हेतु प्रतिबंधात्मक कार्यवाही व प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षिका सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत आदेशित किया है कि मण्डला जिले की राजस्व सीमाओं के अंतर्गत मूर्तियों, प्रतिमाओं के निर्माण हेतु केवल प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाये। मूर्तियों के निर्माण में परम्परागत मिट्टी का ही उपयोग किया जाये, पकी हुई मिट्टी, पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) या किसी प्रकार के केमिकल एवं रासायनिक वस्तुओं का उपयोग मूर्ति निर्माण में किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्तियों, प्रतिमाओं पर कलर हेतु केवल प्राकृतिक रंगों व गैर विशाक्त रंगों का इस्तेमाल किया जायेगा। किसी भी प्रकार के रासायनिक व विशाक्त रंगों का पूर्णतयाः इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।

जिले में केवल परम्परागत मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं का ही उत्पादन व विक्रय किया जा सकेगा। परम्परागत मिट्टी छोड़कर अन्य पदार्थ जैसे पी.ओ.पी. व अन्य रासायनिक पदाथों से बनायी जाने वाली प्रतिमाओं के उत्पादन तथा विक्रय, बाहर ले जाने या बाहर से लाने को प्रतिबंधित किया जाता है। परम्परागत मिट्टी छोड़कर अन्य पदार्थ जैसे पी.ओ.पी. व अन्य रासायनिक पदार्थों से मूर्ति, प्रतिमाओं के निर्माण को प्रतिबंधित किया जाता है। स्थानीय निकाय द्वारा इस संबंध में सत्यापन किया जायेगा, यदि परम्परागत मिट्टी छोड़कर अन्य पदार्थ जैसे पी.ओ.पी. व अन्य रासायनिक पदार्थों से प्रतिमाओं के निर्माण का मामला प्रकाश में आता है तो तत्काल स्थानीय निकाय द्वारा इस निर्मित प्रतिमाओं को अपने कब्जे में लेकर उनका निपटान ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम-2016 के प्रावधानों के अनुरूप करेगा।

पूजन सामग्री जैसे फल-फूल, नारियल, वस्त्र-आभूषण, सजावट के सामान जिनमें कागज एवं प्लास्टिक से निर्मित वस्तुएं शामिल हैं, को मूर्ति, प्रतिमाओं विसर्जन के पूर्व निकालकर उन्हें अलग-अलग एकत्रित किया जायेगा तथा उक्त एकत्रित सामग्री का निपटान ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम-2016 के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय निकायों द्वारा किया जायेगा। मूर्ति, प्रतिमाओं के विसर्जन के 24 घंटे के भीतर विसर्जित मूर्ति, प्रतिमाओं से उत्पन्न ठोस अपशिष्ठ जैसे बांस, रस्सी, मिट्टी, पी.ओ.पी., प्रतिमा के हिस्सों आदि को एकत्रित कर उनका निपटान नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम-2016 के प्रावधानों के परिप्रेक्ष में स्थानीय निकायों द्वारा किया जायेगा। उक्त आदेश जारी दिनांक से 15 अक्टूबर 2021 तक प्रभावशील होगा तथा उक्त अवधि में उक्त आदेश का उल्लंघन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आयेगा।

 

 

 

 

 

आगामी नेशनल लोक अदालत 11 सितम्बर को

 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा आर0एस0 शर्मा के मार्गदर्शन में 11 सितम्बर को जिला न्यायालय मण्डला एवं तहसील न्यायालय निवास, नैनपुर, भुआ बिछिया में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जायेगी। नेशनल लोक अदालत में पूर्व की ही भांति न्यायालय में लंबित समझौता योग्य आपराधिक प्रकरण, धारा 138 चैक बाउन्स, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, श्रम और रोजगार विभाग के प्रकरण विद्युत की बकाया वसूली, जलकर, पारिवारिक विवाद, भू-अर्जन, व्यवहार न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरण एवं अन्य दीवानी प्रकृति के मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जायेगा। इसी प्रकार ऐसे प्रकरण जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये गये हैं, लेकिन प्रस्तुत किये जाने योग्य है, धारा 138 चैक बाउन्स, श्रम और रोजगार विभाग, विद्युत की बकाया वसूली, जलकर, व अन्य समझौता योग्य आपराधिक तथा दीवानी प्रकृति के प्रकरणों का भी आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जायेगा।

पूर्व में 10 जुलाई को भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मण्डला, तहसील न्यायालय निवास, नैनपुर, बिछिया में किया गया था जिसमें न्यायालयों में लंबित सभी प्रकृति के लगभग 219 प्रकरण व विभिन्न विभागों के प्रीलिटिगेशन प्रकृति के 215 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया था, जिससे 638 लोग लाभांवित हुये थे। इस लोक अदालत में भी विद्युत की बकाया वसूली, नगरपालिका के जलकर के बकाया की वसूली तथा बैंक ऋणों की वसूली के प्रकरणों में संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार छूट दिये जाने की संभावना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला की सचिव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ0 प्रीति श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे लोग जिनके मुकदमे न्यायालय में लंबित है या न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने की पूर्व की स्थिति में हैं, वे 11 सितम्बर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में आपसी सामन्जस्य बनाकर प्रकरणों का निराकरण करा सकते हैं। मुकदमे बाजी से छुटकारा पा सकते हैं एवं संबंधित विभागों द्वारा दी जा रही छूटों का लाभ ले सकते हैं। साथ ही आमजन से अपेक्षा की गई है कि आयोजित नेशनल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठायें और अपने प्रकरणों का निराकरण बिना खर्च, कम समय में करायें।

 

 

 

 

 

मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव के लिए रखें सावधानियाँ

 

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की उत्पत्ति बढ़ जाती है एवं मच्छरजन्य परिस्थितियाँ निर्मित होती हैं। मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया के प्रसार की भी संभावना होती है। इसलिए मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव हेतु आवष्यक सावधानियाँ रखी जानी अत्यंत आवष्यक है। मलेरिया के लक्षण में कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। कपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक-रुक्कर बुखार आना पसीना आकर बुखार उतरना, ठंड गर्मी या तपन का महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हैं। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जांच कराऐं एवं मलेरिया की पुष्टि होने पर पूर्ण उपचार लें। खाली पेट दवा का सेवन कदापि नहीं करना चाहिये। मलेरिया की जांच व उपचार सभी शासकीय अस्पतालों पर निःशुल्क उपलब्ध है।

डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर जहां पैदा होते हैं जैसे- छत पर खुली टंकियां, खाली बर्तन, मटके, गमले, टायर, कूलर, फ्रिज के पीछे भरा पानी, गार्डन, फूलदान, पात्रों में एक सप्ताह से अधिक भरे साफ पानी में मच्छर अंडे देते हैं जिससे लार्वा एवं पूर्ण वयस्क मच्छर बनता है। डेंगू के लक्षण 2-7 दिन तक बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द जोड़ों में दर्द, आंख के पीछे दर्द, खसरा जैसे लाल चकत्ते छाती एवं हाथों पर डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू के उपचार के लिए डेंगू की पुष्टि होने पर चिकित्सक के परामर्श अनुसार पूर्ण उपचार लेना चाहिए। रोगी को पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थ जैसे- फलों का रस, पानी, ओ.आर.एस लेना चाहिए एवं आराम करना चाहिए। किसी भी दर्द निवारक गोली का सेवन नहीं करना चाहिए। मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने हेतु भरे हुए पानी को हर 3-4 दिन में बदलना चाहिए।

पानी संग्रहण करने वाली टंकी, बाल्टी एवं अन्य, पानी से भरे हुए बर्तन को ढक्कर रखना चाहिए। वॉशबेसिन, बाथरुम में पानी निकासी के स्थान में मच्छररोधी जाली लगवाना चाहिए एवं मच्छर की उत्पत्ति स्थल पर मिट्टी का तेल या जला हुआ ऑइल डालना चाहिए। यह आवश्यक है कि घरों के आस-पास सफाई रखें, अनावश्यक पानी जमा न होने दें। सोने के लिए हम मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियों, मच्छर निरोधी क्रीम, कॉइल का उपयोग करें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे- लेमन ग्रास, लहसुन, लेवेंडर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगायें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

13 से 23 सितंबर 2021 तक चलेगा राष्ट्रीय कृमी मुक्ति अभियान

1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवाई

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जन समुदाय को जानकारी देते हुए अपील की है कि जिले में 13 से 23 सितंबर 2021 तक राष्ट्रीय कृमी मुक्ति अभियान स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला बाल विकास, विभाग के माध्यम से संचालित होना है, जिसमें 1 से 19 वर्ष के बच्चे एवं किशोर किशोरियों को कीड़े मारने की दवाई एल्बेंडाजोल खिलाई जायेगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु उपरोक्त विभागों के साथ समन्वय किया गया एवं वर्चुवल मीटिंग करके इस अभियान में होने वाली गतिविधि की जानकारी दी गई है एवं विभागों का इस अभियान में कौन-कौन से उत्तरदायित्व है, विस्तार से जानकारी दी जा चुकी है जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर तथा ग्राम स्तर तक के अधिकारी कर्मचारियों को अभियान के दौरान होने वाली गतिविधि की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी जा चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जन समुदाय से अपील की है कि अपने 1 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर किशोरियों को कृमिनाशक की दवाई एल्बेंडाजोल जरूर खिलाएं।

डॉ. वाई.के. झारिया जिला टीकाकरण अधिकारी ने कृमि मुक्ति के लिए क्रियान्वयन रणनीति बताया एवं एल्बेंडाजोल गोली 1 वर्ष में दो बार बच्चों एवं किशोरियों को खिलाई जाती है दवाइयों का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं बच्चों एवं किशोर मैं मानसिक विकास शारीरिक विकास एवं बौद्धिक विकास होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन समुदाय आधारित रणनीति के अंतर्गत 13 से 23 सितंबर तक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास के समस्त मैदानी कार्यकर्ता के द्वारा समुदाय में घर-घर जाकर 1 से 19 वर्ष के समस्त हितग्राहियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जायेगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है शिक्षकों के सहयोग से उपलब्ध समस्त हितग्राहियों को एल्बेंडाजोल की गोली का सेवन कराया जाएगा। 13 से 23 सितंबर 2021 तक जिन गांव या वार्डों में पूर्व निर्धारित व्हीएचएनडी दिवसों के आधार पर मैदानी कार्यकर्ता कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कृमि की दवाई अपनी निगरानी में खिलाई जायेगी।

 

’’किसे कितनी दवाइयों की खुराक’’

 

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वाई.के. झारिया ने बताया कि 1 से 2 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 मिलीग्राम गोली पीसकर पीने के साफ पानी के साथ दी जाएगी। 2 से 3 वर्ष एल्बेंडाजोल 400 मिलीग्राम की पूरी गोली पीसकर पीने के साफ पानी के साथ। इसी तरह 3 से 19 वर्ष एल्बेंडाजोल 400 मिलीग्राम की पूरी गोली चबाकर पीने के साफ पानी के साथ दी जाएगी।

 

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