बलिदान दिवस पर याद किए गए क्रांतिकारी वीर शहीद
मण्डला 18 सितम्बर 2021
1857 की क्रांति के वीर शहीद राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस राजराजेश्वरी मंदिर के निकट किला परिसर में मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में वीर शहीदों को होमगार्ड के सैनिकों द्वारा दी गई सलामी के साथ हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला, कलेक्टर हर्षिका सिंह, भीष्म द्विवेदी, सांसद प्रतिनिधि जयदत्त झा, सुधीर कसार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने गोंडवाना के सपूत राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथशाह को श्रृद्धासुमन अर्पित कर गोंडवाना के सपूत, राजा शंकर शाह एवं कुँवर रघुनाथ शाह को पुष्पांजली अर्पित की तथा उनके सम्मान में 2 मिनिट का मौन रखा। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा संबंधित उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने किया विसर्जन कुण्डों का निरीक्षण
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नाव घाट एवं संगम घाट महाराजपुर में बने विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि विसर्जन कुण्डों में प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशिक्षित तैराकों के माध्यम से ही कराएं। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षित तरीके से कराएं। गणेश समिति के सदस्यों को विसर्जन कुंड तक ना जाने दिया जाए। किसी भी प्रतिमा का विसर्जन नदी में ना किया जाए। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने विसर्जन स्थल पर समुचित लाईट तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूजन केन्द्र कुण्ड से दूर बनाया जाए तथा पूजन सामग्री को एकत्रित करने के लिए पृथक से व्यवस्था रखी जाए। प्रतिमाओं का विसर्जन क्रेन के द्वारा किया जाए। प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशिक्षित स्टॉफ के माध्यम से ही कराया जाए। अन्य व्यक्तियों को बेरीकेट से अंदर न आने दें। उन्होंने विसर्जन स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों को तैनात करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला, अपर कलेक्टर मीना मसराम, मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रदीप झारिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उज्ज्वला योजना से महिलाओं के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव
टाऊनहॉल में आयोजित किया गया प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना-2.0 का शुभारंभ कार्यक्रम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना-2.0 का शुभारंभ कार्यक्रम नगरपालिका सभाकक्ष में आयोजित किया गया जिसमें कलेक्टर हर्षिका सिंह, अपर कलेक्टर मीना मसराम, नगरपालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी, विनोद कछवाहा द्वारा पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन के स्वीकृति पत्रक वितरित किए गए। कार्यक्रम में विटनरी कॉलेज जबलपुर में केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों की चिंता करते हुए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की महिलाआंे की सेहत एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए उज्ज्वला योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत् हितग्राहियों को कनेक्शन के साथ पहली रिफिल तथा चूल्हा भी मुफ्त दिया जा रहा है। हितग्राहियों को संबोधित करते हुए विनोद कछवाहा ने कहा कि उज्ज्वला योजना भारत सरकार की क्रांतिकारी योजना है जिसने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। महिलाओं को जहां भोजन बनाने में सुविधा हो रही है वहीं उनके स्वास्थ्य में सुधार भी परिलक्षित हो रहा है। गृहणियों को धुएं से आजादी मिल रही है। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला आपूर्ति अधिकारी टी.आर. अहिरवार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि जिले में कुल 2.99 लाख परिवारों में से 2.16 लाख परिवार पूर्व से लाभान्वित हैं। जिले में लक्ष्य के अनुसार अतिरिक्त 53000 परिवारों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान में मंडला जिले में कार्यरत 18 गैस वितरकों के माध्यम से लक्ष्य के विरूद्ध 15700 परिवारों के नाम से नवीन गैस कनेक्शन स्वीकृत हो गए हैं, जिन्हें इस योजना में लाभान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंडला गैस कंपनी के संचालक मधुर अग्रवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए हितग्राहियों को गैस कनेक्शन संचालित करने के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रियदर्शन पटैल ने किया। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी तथा हितग्राही उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने किया हितग्राहियों से संवाद
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने उज्ज्वला योजना 2.0 के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित हितग्राहियों से संवाद करते हुए उनकी प्रतिक्रियाएं प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजनाओं में जनकल्याण की भावना निहित होती है। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने हितग्राहियों से शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेते हुए विकास की मुख्य धारा से जुड़ने का आव्हान किया। कलेक्टर ने उपस्थित हितग्राहियों से पात्रतापर्ची, खाद्यान्न वितरण, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य सुविधा, बिजली तथा पेयजल की उपलब्धता सहित शासन की अन्य योजनाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। हितग्राही सीता झरिया ने मंच से अपने अनुभव साझा किए।
ग्राम पंचायत बरौंची शतप्रतिशत वैक्सीनेट
कोविड वैक्सीनेशन के लिए की जा रही प्रभावी कार्यवाही के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बीजाडांडी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बरौंची शतप्रतिशत वैक्सीनेशन हो गया है। बरौंची में मौजूद अब कोई भी पात्र व्यक्ति अब टीकाकरण से वंचित नहीं है। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी वाईआर झारिया ने बताया कि ग्राम पंचायत बरौंची में मौजूद लोगों में से 986 टीकाकरण के लिए पात्र पाए गए थे सभी का 18 सितम्बर तक वैक्सीनेशन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 152 लोग गांव से बाहर हैं। इसी प्रकार 21 लोगों को गंभीर बीमारी के कारण टीका नहीं लगाया जा रहा है।
जिले में अब तक 902.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में इस वर्ष एक जून से 18 सितम्बर के दौरान 902.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 1482.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 580 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 सितम्बर को मंडला में 23.4, नैनपुर में 26.2, बिछिया में 3.6, घुघरी में 8.2 एवं नारायणगंज में 1.5 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस प्रकार जिले में 18 सितम्बर को 10.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।
आर्थिक सहायता स्वीकृत
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक अशोक कुमार निवासी ग्राम लहसर की सर्पदंश से मृत्यु होने के कारण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निवास द्वारा मृतक के निकटतम वारसान को कुल 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। मृतक के निकटतम वारसान आवेदक सोनिया बाई को कुल 4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बरसात में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचने एडवाईजरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने एडवाईजरी में कहा है कि बरसात में अक्सर दस्त, उल्टी, बुखार, आव, पेट दर्द, पेचिस, पीलिया, टाइफाइड, डायरिया जैसी बीमारियाँ होती हैं। बीमारियों से सावधान रहें, बीमार न हों इसके उपाय करें एवं स्वस्थ रहें। उन्होंने बताया कि उल्टी, दस्त, पेचिस, आव, संक्रामक बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन का सेवन करें। शुद्ध पानी पिंए (उबला पानी, आरो का पानी, फिल्टर, हैण्डपंप का पानी छानकर पिएं) कुएं, नदी, नाला का पानी न पिएं, पानी क्लोरीनेशन करके ही पानी पिएं, सड़ी-गली सब्जी, फल, बासी खाना न खाएं, मांस का बरसात के दिनों में सेवन न करें। व्यक्तिगत स्वच्छता रखें, खाने के चीजों को छूने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोंएं, संक्रमित चीजों को छूने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोऐं, भोजन खाने के पहले या शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोंऐं, स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए डॉक्टर के परामर्श से उल्टी, दस्त के लिए टेबलेट फ्युराजोलाडिन, मेट्रोजिन डायक्लोमिन, मेट्रोक्लोरापामाइड, जिंक, ओ.आर.एस. का घोल, खीरा, दही, सिकंजी, चावल का पानी (माड) तथा तरल पदार्थ अधिक मात्रा में सेवन करें। इसी प्रकार दस्त से संबंधित संक्रामक बीमारी होने पर नजदीकी अस्पताल जायें, ग्राम स्तर में आशा कार्यकर्ता डीपो होल्डर के माध्यम से जीवन रक्षक दवाइयां प्राप्त करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जनसमुदाय को एडवाइजरी में कहा है कि बरसात के दिनों में वेक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फायलेरिया (हाथी पांव) जैसे गंभीर बीमारी होती हैं। गंदा पानी, नाली, गड्ढों में पानी एकत्रित होने से मच्छर के लार्वा से अण्डें पनपते हैं। मादा एनाफिलिस मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। डेंगू का लार्वा साफ पानी में पैदा होता है जैसे कूलर, टूटे हुए टायर, टंकी में एडीज मच्छर के लार्वा पनपते हैं। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। चिकुनगुनिया का वायरस सीधे हड्डी पर अटैक करता है जिससे असहनीय दर्द होता है। मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, फायलेरिया से बचने के लिए घर के आस-पास सफाई रखें, पानी इक्ट्ठा न होने दें, गड्ढों को भरें, टायर, कबाड़ सामान ढंक्कर रखें, इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें, कूलर व टंकी के पानी को एक सप्ताह में खाली करें, नीम का धुआँ करें, शाम के समय खिड़की दरवाजा बंद रखें, रात्रि में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरी आस्तीन के कपडे़ पहनें। मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड़ सामान ढंक्कर रखें इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराएं। बुखार आने पर नजदीकि अस्पताल जाकर खून की जांच कारायें एवं ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के पास जाकर खून की जांच करायें और दवायें प्राप्त करें।
