मण्डला 30 अक्टूबर 2021
कृषि विज्ञान केन्द्र मण्डला के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विशाल मेश्राम ने बताया कि जिले में दलहनी फसलों के प्रोत्साहन हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं आदिवासी उपयोजना 2021-22 के अंतर्गत चने की उन्नत किस्में जे.जी.12, जे.जी.36, आर.व्ही.जी202 का बीज जिले के ग्रामों हर्राटिकुर, पिपरिया, मोहनिया पटपरा, खुक्सर, गाजीपुर, तिंदनी, सिलपुरी आदि कृषकों को प्रदाय किया गया। डॉ. मेश्राम ने बताया कि जवाहर ग्राम 12 जल्दी पकने वाली (105-115 दिनों में) जिसका मध्यम भूरा दाना होता है जो कि सिंचित एवं असिंचित दोनों के लिए उपयुक्त किस्म है। इसकी उपज क्षमता 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। दूसरी उन्नत किस्म जवाहर ग्राम 36 110-120 दिनों में तैयार होती है जिसकी उपज क्षमता 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है साथ ही सिंचित और असिंचित दोनों के लिए उपयुक्त है। दलहनी फसलों में प्रमुख रूप से उकटा रोग से बचाव हेतु ट्राइकोडर्मा विरडी, स्फुर को घुलनशील बनाने हेतु पी.एस.बी. व प्राकृतिक नत्रजन स्थिरिकरण हेतु राइजोबियम जैव उर्वरक बीजोपचार हेतु प्रदाय किया गया, साथ ही कृषकों को इन जैव उर्वरकों के महत्व एवं उपयोग की विस्तार से जानकारी प्रदाय की गई। कृषकों को प्रायोगिक रूप से बीजोपचार करने का तरीका बताया गया। केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. आर.पी. अहिरवार, डॉ. प्रणय भारती, नील कमल पन्द्रें एवं कु. केतकी धूमकेती द्वारा चने की उन्नत उत्पादन तकनीक, बीज की मात्रा, खाद जैविक एवं रासायनिक दवाइयों, उत्पादन लागत, उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
