आज से होंगे आंगनवाड़ी केन्द्र प्रारंभ
मण्डला 14 नवम्बर 2021
संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत हितग्राहियों के सुरक्षा की दृष्टि से आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन स्थगित करते हुए पूरक पोषण आहार प्रदायगी की सुनिश्चित्ता के साथ-साथ अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के साथ-साथ सेवाएं प्रदायगी हेतु समय-समय पर संदर्भित पत्रों के माध्यम से आंगनवाड़ी सेवाओं की प्रदायगी हेतु मानक संचालन प्रकिया (एसओपी) भी प्रेषित की गई है। जिला स्तरीय क्राईसेस मेनेजमेन्ट कमेटी द्वारा स्थानीय परिस्थिति अनुरूप निर्णय लेने हेतु अधिकृत किया जाकर तद्नुसार कोविड-19 के संक्रमण से बचाव की मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए आंगनवाड़ी केन्द्र प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
15 को ’’आईये आंगनवाड़ी’’ थीम पर आयोजित होंगे समारोह
15 नवम्बर 2021 को आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितग्राहियों के साथ ’’आईये आंगनवाड़ी’’ थीम पर आयोजन कर समारोहपूर्वक प्रारम्भ किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। ’आईये आंगनवाड़ी’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाकर समुदाय के सहयोग से स्थानीय खाद्य विविधता आधारित विशेष भोजन तैयार कर हितग्राहियों को परोसा जाये। ’आईये आंगनवाड़ी’ कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के सुरक्षात्मक उपाय का पालन आवश्यक रूप से किया जाए। इस दिवस के उपरान्त प्रतिदिन पूर्व की भांति नियत समय-सारणी अनुसार आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जाये। कोविड-19 संक्रमण काल में 3 से 6 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों को पूर्व में प्रदाय रेडी-टू-ईट सामग्री के वितरण को स्थगित करते हुये बच्चों को नाश्ता एवं गर्म पका भोजन प्रदाय किया जाना प्रारम्भ करना है। इस हेतु पूर्व वितरित एवं तैयार रेडी टू ईट सामग्री का प्रक्रिया अनुसार आवश्यक समायोजन एवं रिकार्ड संधारण सुनिश्चित किया जायेगा। इसी अनुक्रम में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन प्रारम्भ से यथाशीघ्र 3 से 6 वर्ष तक की आयुवर्ग के बच्चों को प्रावधान अनुसार नाश्ता एवं ताजा गर्म पका भोजन प्रदाय करने हेतु पूर्व से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आंगनवाड़ी संचालन प्रारम्भ करते हुये आईये आंगनवाड़ी कार्यक्रम के आयोजन के फोटो सहित प्रतिवेदन आयोजन के 7 दिवस के अन्दर प्रेषित करने अधीनस्थों को निर्देशित किया है।
नरवाई (फसल अवशेष) न जलाने की अपील
मण्डला 14 नवम्बर 2021
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि मृदा परीक्षणों के आधार पर प्रायः यह देखने में आ रहा है कि प्रदेश के साथ-साथ हमारी कृषि भूमि में जीवान्श (कार्बनिक तत्व) की मात्रा दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है, जिसका प्रमुख कारण गोबर खाद की कमी, रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग के साथ-साथ तात्कालिक लाभ के लिए खेतों में बचे फसल अवशेष को जलाकर नष्ट किया जाना है। जिस कारण हमारी मृदा की उर्वरता कम होती जा रही है। साथ ही मृदा में पाये जाने वाले लाभदायक कीट जो किसान के मित्र कीट कहलाते हैं, असंख्य जीव-जंतु जो उत्पादन वृद्धि में सहायक होते हैं, जलकर नष्ट हो जाते हैं। साथ ही कई बार रहवासी क्षेत्रों में आग लगने से जानमाल की हानि होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
उपसंचालक ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने जिले के समस्त कृषकों से अपील की है कि फसल कटाई पश्चात् खेतों में खड़े फसल अवशेषों को जलाकर नष्ट न करें यह पर्यावरण के लिए बहुत ही खतरनाक एवं आपराधिक कृत्य है। बल्कि खाली खेतों में रोटावेटर चलाकर फसल अवशेषों को मिट्टी में मिला दें तथा मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई करें जिससे मृदा में हवा एवं प्रकाश का संचार के साथ-साथ वर्षा के जल को रोककर जलधारण की क्षमता में वृद्धि करें। अधिक से अधिक गोबर खाद, नाडेप एवं वर्मी खाद एवं हरी खाद का प्रयोग कर मृदा की उर्वराशक्ति को बढायें।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति नवीनीकरण के लिए आवेदन 15 नवम्बर तक
मण्डला 14 नवम्बर 2021
सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 वर्ष 2020-2021 नवीन व नवीनीकरण छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन पोर्टल को 15 नवम्बर 2021 तक पुनः खोला गया है। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2021 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
अस्थि बाधित दिव्यांगजनों की जांच एवं प्रमाण पत्र संबंधी कार्यवाही अब 16 को
मण्डला 14 नवम्बर 2021
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय मण्डला में 16 नवम्बर 2021 को अस्थि बाधित दिव्यांगजनों की जांच एवं प्रमाण पत्र संबंधी कार्यवाही। उन्होंने अस्थि बाधित संबंधी दिव्यांगजनों से अनुरोध किया है कि वे प्रमाण पत्र संबंधी कार्यवाही हेतु आगामी मंगलवार 16 नवम्बर 2021 को उपस्थित हो सकते हैं।
फसल अवशेषों को न जलाएं, उसका प्रबंधन कर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं
कृषि विभाग की किसानों को सलाह
मण्डला 14 नवम्बर 2021
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि जिले में खरीफ फसलों की कटाई प्रारंभ हो गई है। प्रायः यह देखा जाता है, कि किसान भाई फसल काटने के पश्चात् आगामी फसल के लिये खेत तैयार करने और अपनी सुविधा के लिये खेत में आग लगाकर तने के डंठल व फसल अवशेष को नष्ट कर देते हैं जबकि नरवाई जलाने से विभिन्न तरह के नुकसान होने की परिस्थिति निर्मित होती है। जिले के सभी किसानों से अपील है कि फसल अवशेषों (नरवाई) को नहीं जलायें और इसका प्रबंधन करते हुये उसे रोटावेटर एवं अन्य कृषि यंत्रों के माध्यम से भूमि में मिलाकर भूमि के जीवांश पदार्थ की मात्रा में वृद्धि कर भूमि की उर्वरा शक्त्ति को बढ़ायें।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंडला द्वारा बताया गया कि नरवाई में आग लगाने से खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है। जससे भूमि की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है और उत्पादन में कमी आ जाती है। खेत में पड़े फसलों के अवशेष जैसे भूसा, डंठल, कड़वी सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते है।
