मण्डला 7 दिसम्बर 2021
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बताया कि दुकानों और कारखानों में काम करने वाले बच्चों को चिन्हित करने के लिए प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान कबाड़, पन्नी बीनने वाले, भीख मांगने वाले एवं दुकानों पर काम करने वाले 15 बच्चों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित बच्चों का पूरा डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रयास किया जा सके। उन्होंने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशन में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा स्ट्रीट चिल्ड्रन का सर्वेक्षण कर उनके पुर्नवास के लिए प्रयासों के संबंध में कार्ययोजना तैयार की गई थी। उसी कार्ययोजना के अनुसार बच्चों को चिन्हित करने के लिए जिला स्तर पर सर्वेदल का गठन किया गया। दल में महिला एवं बाल विकास, विशेष किशोर पुलिस ईकाई, बालश्रम, बाल कल्याण समिति एवं चाईल्ड लाईन को शामिल किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी है कि 23 नवंबर में शुरू हुए इस अभियान में सर्वेदल ने भीख मांगने वाले, कबाड़ बीनने वाले तथा मजदूरी करने वाले 15 बच्चे चिन्हित किए हैं। इन बच्चों में कबाड़ बीनने वाले 3 बच्चे नशा करते हैं। अन्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है। बच्चों को नियोजित करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी गई है तथा भविष्य में बच्चों से काम नहीं करने का वचन पत्र भी लिखवाया गया है।
ऐसे बच्चे दिखें तो चाईल्ड लाईन को सूचित करें
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रीति पटेल ने नागरिकों से अपील की है कि यदि भीख मांगने, कबाड़ बीनते हुए, मजदूरी करते हुए या नशे में लिप्त बच्चे दिखाई दें तो उन्हे समझाकर पढाई के लिए प्रेरित करें, ताकि उन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रयास किये जा सकें। इसके लिए सूचना चाइल्ड लाईन नंबर 1098 पर दें।
