जनसुनवाई में सुनी गई 39 आवेदकों की समस्याएँ
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
जिला योजना भवन में आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे ने आवेदकों की समस्याएं सुनी। 39 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। जनसुनवाई में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मरावी सहित संबंधित विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे। जिला पंचायत सीईओ ने सभी आवेदकों की समस्याओं को सुनते हुए उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करते हुए ऑनलाईन एंट्री भी सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई में ग्राम बिछिया निवासी सुनीता मरावी ने भुगतान, ग्राम धौरगांव निवासी सोनम सिंगौर ने भरण-पोषण व शिक्षा-दीक्षा, ग्राम मोहनिया निवासी संपत लाल नंदा एवं ग्राम बूढ़ीमाई निवासी विनोद कुमार साहू ने ट्राईसाईकिल, ग्राम चाबी निवासी धनपत सिंह धुर्वे ने पट्टा, ग्राम सेमरखापा निवासी नरबदिया पटैल ने शौचालय, तिलक वार्ड मंडला निवासी राकेश पटैल ने सांची दुग्ध पार्लर विषय से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

आरआई एवं पटवारी के निधन पर हुई शोकसभा आयोजित
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
मंडला जिले के राजस्व अमले में पदस्थ मंडला सर्कल में कार्यरत आरआई ओमकार प्रसाद बनवासी, नैनपुर तहसील में पदस्थ छत्तर लाल झारिया तथा निवास तहसील में पदस्थ प्रेमसिंह मार्को का निधन हो गया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए शोकसभा आयोजित हुई एवं मौन धारण किया गया। शोकसभा में कलेक्टर हर्षिका सिंह, अपर कलेक्टर मीना मसराम, अधीक्षक भू-अभिलेख हीरालाल तिवारी, नजूल शाखा स्टॉफ तथा कलेक्ट्रेट परिसर के संबंधित उपस्थित थे।
मतदानकर्मियों का प्रथम रेंडमाईजेशन संपन्न
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2021-22 के तहत प्रथम चरण का मतदान 6 जनवरी को किया जाना है। इसी तारतम्य में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में मतदानकर्मियों का प्रथम रेंडमाईजेशन संपन्न हुआ। इस दौरान अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मीना मसराम एवं संबंधित उपस्थित थे। मतदानकर्मियों का द्वितीय रेण्डमाईजेशन 29 दिसम्बर को किया जाएगा। इसी प्रकार 29 दिसम्बर को नारायणगंज तहसील के अंतर्गत होने वाले निर्वाचन के लिए ईव्हीएम की कमिशनिंग का कार्य किया जाएगा।

’आनंद उत्सव 2022’ के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सर्व) तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को ’आनंद उत्सव 2022’ मनाने आदेश जारी कर दिए हैं। आनंद उत्सव के आयोजन के संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित करते हुए कहा है कि जीवंत सामुदायिक जीवन, नागरिकों की जिन्दगी में आनंद का संचार करता है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुये विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 14 जनवरी से 28 जनवरी 2022 के मध्य ’आनंद उत्सव-2022’ मनाया जाएगा।
आनंद उत्सव का उद्देश्य नागरिकों में सहभागिता एवं उत्साह को बढ़ाने के लिये समूह स्तर पर खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना है। आनंद उत्सव की मूल भावना प्रतिस्पर्धा नहीं वरन सहभागिता होगी। आनंद उत्सव नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित किए जायेगें। यह आयोजन दो चरणों में होंगे प्रथम चरण में ग्राम व नगरीय क्षेत्रों में तथा द्वितीय चरण (वैकल्पिक) में जिला स्तर पर आयोजित किये जायेंगे। आनंद उत्सव में प्रमुख रूप से स्थानीय तौर पर प्रचलित परम्परागत खेल-कूद जैसे कबड्डी, खो-खो, बोरा रेस, रस्सा कसी, चेअर रेस, पिठू व सितोलिया, चम्मच दौड़, नीबू दौड़ आदि तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे- लोक संगीत, नृत्य, गायन, भजन, कीर्तन, नाटक आदि एवं स्थानीय स्तर पर तय अन्य कार्यक्रम किये जा सकेंगे। आनंद उत्सव के सन्दर्भ में तय की गई उपरोक्त गतिविधियों को जिस स्थान पर आयोजित किया जायेगा, उस स्थान को ’आनंद उत्सव स्थल’ कहा जायेगा। आनंद उत्सव का आयोजन इस तरह से किया जायेगा कि समारोह की गतिविधियों में समाज के सभी वर्गों यथा- महिला-पुरूष, सभी आयु वर्ग के नागरिक, दिव्यांग आदि शामिल हो सकें। इस कार्यक्रम में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला तथा पुरूषों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। ध्यान रहे कि यह केवल स्कूली बच्चों का कार्यक्रम बन कर न रह जाए। दिव्यांगों एवं बुजुर्गों की आनंद उत्सव के कार्यक्रमों में विशेष भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये उनके अनुकूल गतिविधियों का आयोजन किया जाना तय करें। आनंद उत्सव में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी कराने के लिये जिले में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार अवश्य किया जाए। विशेष रूप से ’आनंद उत्सव स्थल’ से संबद्ध ग्रामों व मोहल्लों में भी लोगों को इस आयोजन के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाये। सभी आनंद उत्सव कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाये। ’आनंद उत्सव स्थल’ का पंजीयन आनंद संस्थान की वेबसाइट www.anandsansthanmp.in पर निर्धारित टेब में कार्यक्रम आयोजन के पूर्व दर्ज किया जाना है। कार्यक्रम के पश्चात आयोजित की गई गतिविधियों की जानकारी तथा फोटो राज्य आनंद संस्थान की वेबसाइट पर निर्दिष्ट टेब पर दर्ज करना होगा। जिले में आनंद उत्सव आयोजन संबंधी समाचार संस्थान के वेबसाइट पर जिले के नोडल अधिकारी व आनंदम सहयोगी अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से ’पहल व समाचार’ पर अपलोड करेंगे जो वेबसाईट के आनंद उत्सव अथवा प्रमुख समाचार टेब में देखें जा सकेंगें। आनंद उत्सवों के आयोजन में स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत एवं आनंद क्लबों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिन स्थानों पर आनंद क्लब इस आयोजन का दायित्व स्वैच्छा से लेना चाहेंगे वहां उनको आनंद उत्सव की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। विभिन्न स्तरों पर आनंद उत्सव का आयोजन होगा जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 14 से 28 जनवरी 2022 एवं नगरीय क्षेत्र में 14 से 28 जनवरी 2022 पर होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में आनंद उत्सव आयोजन की प्रक्रिया
प्रत्येक विकास खण्ड में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिये संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को नियुक्त किया गया है। आनंद उत्सव के पंचायत स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के पर्यवेक्षण करने के लिये अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। प्रत्येक विकास खण्ड की समस्त ग्राम पंचायतों को 2 से 4 पंचायतों के समूह में बांटा जाना है। प्रत्येक समूह में सम्मिलित ग्राम पंचायतों की आपसी सहमति से चयनित स्थल पर आनंद उत्सव का आयोजन किया जाना है। प्रत्येक विकासखण्ड में आनंद उत्सव स्थल का चयन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) तथा स्थानीय सक्रिय आनंदकों के साथ विचार कर किया जाना है। ऐसी पंचायतें जिनकी आबादी 5 हजार या उससे अधिक है, वहीं पृथक से आनंद उत्सव स्थल बनाया जा सकता है। इस वर्ष जिन पंचायतों में आनंद उत्सव का आयोजन किया जाना है उसका निर्धारण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा किया जायेगा तथा उसे संस्थान की वेबसाइट पर दर्ज किया जायेगा। अनुविभागीय अधिकारी इसे अपने लॉगिन पर संस्थान की वेबसाइट पर देख सकेंगे। यदि किसी कारणवश आनंद उत्सव स्थल में परिवर्तन किया जाना है तो यह कार्य किया जा सकता है। जिस ग्राम में आनंद उत्सव का आयोजन किया जायेगा, उसे नोडल ग्राम पंचायत कहा जायेगा। क्लस्टर की सभी ग्राम पंचायतों के सभी गांव निर्धारित आनंद उत्सव स्थल में हिस्सा लेगी। दर्ज जानकारी के आधार पर प्रत्येक “आनंद उत्सव स्थल” पर कार्यक्रमों के आयोजन के लिये रूपये 15 हजार रूपए तक का व्यय करने की अनुमति संबंधी आवश्यक निर्देश पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा जारी किये जा रहे हैं। प्रत्येक ’आनंद उत्सव स्थल’ पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिये अनुविभागीय अधिकारी द्वारा एक उपयुक्त अधिकारी को कार्यक्रम प्रभारी के रूप में नियुक्त किया जायेगा। यह अधिकारी किसी भी विभाग से हो सकते हैं, परन्तु उनकी इस प्रकार की गतिविधियों में रूचि होनी चाहिए। प्रत्येक ’आनंद उत्सव स्थल’ पर कार्यक्रम के आयोजन के लिये “कार्यक्रम आयोजन समिति” गठित की जायेगी। कार्यक्रम प्रभारी के रूप में समूह की पंचायतों के सचिव, इच्छुक आनंद क्लब के सदस्य एवं आनंदक (स्वयं सेवक जिनकी संख्या 6 से 8 तक रखी जा सकती है तथा स्थानीय स्तर के अन्य शासकीय, अशासकीय व्यक्ति जिन्हें कार्यक्रम प्रभारी समन्वयक आवश्यक समझें सदस्य समन्वयक बनाया जाएगा।
आयोजन समिति में कार्यक्रम प्रभारी (समन्वयक) स्थानीय स्तर पर अन्य सदस्यों एवं आनंदकों का चयन कर सकेंगे। कार्यक्रम की सफलता के लिये यह आवश्यक है कि समिति में ऐसे आनंदकों (स्वयंसेवकों) को शामिल किया जाये जो उत्साही हों और जिनकी इस कार्यक्रम के आयोजन में रूचि हों। इनका चयन पंचायत सचिव व पंचायत में प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों से विचार विमर्श कर किया जाये। जिले के पंजीकृत आनंदकों एवं आनंद क्लबों की सूची अनुविभागीय अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, जिला संपर्क व्यक्ति, आनंदम सहयोगी के लॉगिन पर उपलब्ध है।
नगरीय क्षेत्रों में आनंद उत्सव आयोजन की प्रक्रिया
प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में भी “आनंद उत्सव” का आयोजन किया जायेगा। नगरीय क्षेत्र की आबादी को देखते हुये प्रत्येक नगर में आवश्यकता अनुसार एक या एक से अधिक स्थलों पर आनंद उत्सव का आयोजन किया जा सकेगा। नगर में कितने स्थलों पर आनंद उत्सव का आयोजन किया जाना है, इसका निर्धारण संबंधित नगरीय निकाय द्वारा किया जायेगा। पंयीयन राज्य आनंद संस्थान की वेबसाईट पर नगरीय निकाय प्रमुख के लॉगिन के माध्यम से कार्यक्रम आयोजन के पूर्व किया जाना है। नगरीय क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिये कार्यक्रम निर्धारण का दायित्व आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरीय निकाय का होगा। कार्यक्रम आयोजन के लिये पृथक से कोई आवंटन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इन कार्यक्रमों पर होने वाला व्यय स्थानीय स्तर पर भागीदारी के आधार पर अथवा स्वयं के स्त्रोतों, साधनों से किया जा सकेगा। इस संबंध में आवश्यक निर्देश नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी किये जायेंगे।
आनंद उत्सव कार्यक्रम में ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्र की टीमें, प्रतिभागी सीधे भाग ले सकेंगे। इस कार्यक्रम पर होने वाले व्यय के लिए संसाधन की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर भागीदारी के आधार पर की जा सकेगी। इसके लिए पृथक से कोई आवंटन उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा। वेबसाईट पर जानकारी अपलोड करने संबधी निर्देश प्रत्येक ’आनंद उत्सव स्थल’ का पंजीयन राज्य आनंद संस्थान की वेबसाइट www.anandsansthanmp.in पर किया जाना अनिवार्य है। ग्रामीण क्षेत्र के ’आनंद उत्सव स्थल’ का पंजीयन अविभागीय अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र का पंजीयन नगरीय निकाय प्रमुख द्वारा ही किया जा सकेगा। इस कार्य में राज्य आनंद संस्थान के नोडल अधिकारी, जिला संपर्क व्यक्ति, मास्टर ट्रेनर आनंदम सहयोगी उनका सहयोग कर सकेगें। अनुविभागीय अधिकारी एवं नगरीय निकाय प्रमुख द्वारा ’आनंद उत्सव स्थल’ का पंजीयन करते समय आयोजित कार्यक्रम की जानकारी एवं फोटो, वीडियो अपलोड करने हेतु आनंदकों को अधिकृत कर सकेगें। पंजीयन करते समय जिस ’आनंद उत्सव स्थल’ के लिए आनंदक को अधिकृत किया गया है, वह आनंदक अपने लॉगिन से उस ’आनंद उत्सव स्थल’ में आयोजित कार्यक्रम की जानकारी एवं फोटो, वीडियो अपलोड कर सकेंगे।
आयोजन पूर्व
जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं आयुक्त नगर निगम व मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को उनके लॉगिन आईडी तथा पासवर्ड का उपयोग करते हुए उनके क्षेत्र में आयोजित किये जाने वाले “आनंद उत्सव स्थल” (इवेंट्स) का पंजीयन एवं अपडेट करेंगे जिसके अंतर्गत आयोजन स्थल का नाम, विवरण, अयोजन दिनांक, आयोजन स्थल की लोकेशन आदि वेबसाइट पर दर्ज करानी होगी। दर्ज की गयी सभी आयोजनों की सांख्यिकी वेबसाईट पर अद्यतन रहेगी जिसे वेबसाईट के होम पेज पर लाईव देखा जा सकेगा।
आयोजन पश्चात्
आयोजन पश्चात् जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अधिकृत आनंदक, अपने लॉगिन से उनके क्षेत्र में आयोजित आनंद उत्सव का संक्षिप्त विवरण, फोटो व वीडियो की जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर पूर्व में पंजीकृत आयोजन स्थल की प्रविष्टि के समक्ष 5 फरवरी-2022 तक अपलोड कर सकेंगे। अधिकतम 3 फोटो (3 एमबी प्रति फोटो) एवं 1 वीडियों (2 मिनिट तक का) ही अपलोड किये जा सकेंगे। प्रत्येक आयोजन स्थल का संक्षिप्त विवरण निम्न बिंदुओं के आधार पर दिया जायेगा। आनंद उत्सव में भाग लेने वाले नागरिकों की संख्या, आयोजन व्यवस्था, आयोजित कार्यक्रमों (खेल, गीत, भजन आदि) की संख्या, कार्यक्रमों का मीडिया कवरेज, सभी आयु वर्ग खास तौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं महिलाओं की सहभागिता, आनंद उत्सव में उत्साह और भागीदारी का स्तर आदि। जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने लॉगिन पासवर्ड के द्वारा आनंद उत्सव स्थल की जानकारी का किसी भी समय अवलोकन कर समीक्षा कर सकते हैं। वेबसाईट पर आनंद उत्सव स्थलों की जानकारी दर्ज करने के संबंध में विस्तृत यूजर मैन्युअल संलग्न है।
पुरस्कार (आयोजन स्थल पर प्रतिभागियों एवं टीम सदस्यों को पुरस्कार)
आनंद उत्सव समाप्ति के पश्चात आनंद उत्सव के दौरान आयोजित खेल-कूद एवं कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उनकी सहभागिता, सक्रियता, जोश प्रदर्शन के आधार पर कार्यक्रम पश्चात पुरस्कृत किया जाये। आनंद उत्सवों के कार्यक्रमों में भागीदारी करने वाले सभी महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जायेगा। जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाये।
फोटो एवं वीडियो प्रतियोगिता
आनंद उत्सव आयोजनों के पश्चात् इन कार्यक्रमों के फोटो एवं वीडियों के लिये एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता आयोजन की गतिविधियों के फोटो, वीडियो पर आधारित होगी। यह प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। आनंद उत्सव कार्यक्रम से जुड़े नागरिक, आनंदक, आयोजक भी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। अधिक से अधिक लोगों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। विजेता प्रतिभागियों में फोटो एवं वीडियो प्रथम को 25 हजार, द्वितीय को 15 हजार एवं तृतीय को 10 हजार रूपए पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी कोई भी इच्छुक नागरिक राज्य आनंद संस्थान की वेबसाईट www.anandsansthanmp.in के अवसर टेब पर बनाये गये लिंक पर 5 फरवरी 2022 तक स्वयं की जानकारी सहित आयोजन की फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे। प्रत्येक प्रतिभागी अधिकतम 3 फोटो एवं 2 वीडियो ही अपलोड कर सकेंगे। वीडियो लगभग 2 मिनिट तथा फोटो का साईज 3 एमबी तक का हो सकता है। जिस नाम से फोटो व वीडियो अपलोड किया जायेगा, पुरस्कार की राशि उसी व्यक्ति को देय होगी।
कार्यक्रम के आयोजन करने के संबंध में संक्षिप्त मार्गदर्शिका संस्थान की वेबसाइट www.anandsansthanmp.in पर उपलब्ध है। कार्यक्रम आयोजन के दौरान कोविड-19 तथा पंचायत चुनाव आचार संहिता के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा निर्देश का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिले की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर तय किये गये सभी ’आनंद उत्सव स्थलों’ की जानकारी 12 जनवरी 2022 तक तथा आनंद उत्सव कार्यक्रम सपंन्न होने के पश्चात कार्यक्रम का विवरण एवं फोटो 5 फरवरी 2022 तक संस्थान की वेबसाईट पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आनंद उत्सव की रूपरेखा निर्धारित करने समिति गठित
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने प्रमुख सचिव अध्यात्म विभाग म.प्र. शासन से प्राप्त निर्देशानुसार ’आनंद उत्सव 2022’ के आयोजन संबंधी रूपरेखा निर्धारित करने तथा कार्यक्रमों के पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। गठित समिति में कलेक्टर अध्यक्ष रहेंगे। इसी प्रकार जिला पंचायत सीईओ, सीएमओ नगरपालिका मंडला, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, उप संचालक शहरी विकास, आनंदम सहयोगी, समन्वयक जन अभियान परिषद, समन्वयक जिला नेहरू युवा केन्द्र सदस्य बनाए गए हैं। जिला स्तरीय समिति के सदस्य सचिव सहायक आयुक्त नियुक्त किए गए है।
सिकल सेल एनीमिया, थेलेसीमिया एवं हीमोफिलिया के मरीजों के उपचार के लिए डे-केयर सेंटर स्थापित
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें म.प्र. भोपाल के निर्देशानुसार हिमोग्लोबीनोपैथी (सिकल सेल एनीमिया, थेलेसीमिया एवं हीमोफिलिया) के मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय मण्डला में पृथक से डे-केयर सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें समस्त हिमोग्लोबीनोपैथी (सिकल सेल एनीमिया, थेलेसीमिया एवं हीमोफिलिया) के मरीजों को उचित जाँच एवं उपचार प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

जिले के 3 शासकीय विद्यालयों को बनाया गया ’स्किल-हब विद्यालय’’
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
जिला शिक्षा अधिकारी व डीपीसी समग्र शिक्षा अभियान ने बताया कि नवीन शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास एवं व्यवसाय प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने प्रदेश से चयनित जिले के 3 विद्यालय शासकीय कन्या उमावि बम्ह्नी बंजर, शास. उत्कृष्ट उमावि बीजाडांडी एवं शास. उमावि मोहगांव को व्यवसायिक शिक्षा के पायलट प्रोजेक्ट अंतर्गत ’स्किल हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। ’स्किल-हब प्रशिक्षण’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का ही भाग है। यह प्रशिक्षण विद्यालय समय के पश्चात विद्यालय में अध्यापन करने वाले विद्यार्थियों के अतिरिक्त स्कूल ना जाने वाले बाहरी बच्चों के लिए आयोजित किया जाएगा।
मुकेश पाण्डेय एपीसी जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा अभियान जिला मण्डला ने बताया कि योजना का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को साझा करना है। 15 से 29 आयु वर्ग के स्कूल छोड़ने वाले बच्चे (ड्रापआऊट) युवाओं के कौशल प्रशिक्षण आवश्यकता को पूरा करना और कुशल जनशक्ति तैयार करना है। स्किलहब राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के तहत नौकरी की आवश्यकताओं के आधार पर व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। योजना का प्रारंभ 1 जनवरी 2021 से चरणवार किया जा रहा है। प्रत्येक स्किल-हब विद्यालय में एक ट्रेड में कम से कम 20 प्रशिक्षणार्थी का चयन किया जाएगा। प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति कोविड-19 के निर्देशों के कारण बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग ना करते हुए उपस्थिति सार्थक ऐप में ली जाएगी। प्रत्येक बैच का आकार 20 से 40 प्रशिक्षणार्थियों का होगा।
प्रतिभागियों की योग्यता
प्रशिक्षण के लिए छात्र का आठवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्रशिक्षणार्थी की उम्र 1 जनवरी 2022 को 15 से 29 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। 3 से 4 वर्षों पूर्व के नौवीं के बाद अथवा 10वीं फेल शाला त्यागी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा सकता है। यह प्रशिक्षण निःशुल्क है, प्रशिक्षण के प्रचार-प्रसार हेतु काउंसलिंग, पंपलेट, फ्लेक्स, समाचार पत्र आदि अन्य उचित माध्यम से संस्था प्रमुख के द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्रशिक्षण हेतु कम से कम 20 से 40 छात्रों का प्रवेश आवश्यक है प्रशिक्षण की अवधि 6 माह की है। कार्यक्रम संचालन के लिए स्किल-हब स्थापना हेतु जिला कौशल समिति का गठन किया जा रहा है जिसमें कलेक्टर हर्षिका सिंह अध्यक्ष, संयोजक प्राचार्य (संबंधित विद्यालय) एवं सदस्य क्रमशः महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, राज्य कौशल विकास मिशन द्वारा नामांकित व्यक्ति, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला स्तरीय श्रम विभाग का नामांकित व्यक्ति, जिला स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थान, प्रबंधक जिला अग्रणी बैंक द्वारा नामांकित व्यक्ति, संभाग अथवा जिला स्तरीय व्यवसायिक समन्वयक होंगे।
संपूर्ण मंडला जिले में रात्रि 11 से प्रातः 5 बजे तक रहेगा नाईट कर्फ्यू
कोरोना संक्रमण से संबंधित नवीन दिशा-निर्देश जारी
जिला दंडाधिकारी ने जारी किए आदेश
मण्डला 28 दिसम्बर 2021
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षिका सिंह ने म.प्र. शासन गृह विभाग से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो अग्रिम आदेश पर्यंन्त तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होंगे। जारी आदेश के तहत संपूर्ण मण्डला जिले में रात्रि 11 से प्रातः 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू रहेगा। किन्तु अन्य राज्यों एवं जिलों से तथा जिले के भीतर माल तथा सेवाओं एवं यात्रियों का आवागमन बाधित नहीं होगा। औद्योगिक गतिविधियों का संचालन नाईट कर्फ्यू के प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा। समस्त सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, थियेटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल, क्लब, स्टेडियम में 18 वर्ष से अधिक आयु के केवल उन लोगों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी जिन्होंने कोविड-19 के दोनों टीके लगवाये हैं। समस्त शासकीय सेवकों से अपेक्षा है कि वह कोविड-19 टीके की दोनों डोज लें। समस्त विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख ऐसे शासकीय सेवकों के नाम सूचीबद्ध करेंगे जिनके द्वारा दोनों टीके नहीं लगाये गये हैं तथा उन्हें दोनों टीके लगवाना सुनिश्चित करें। समस्त स्कूलों, कॉलेजों, होस्टलों में कार्यरत प्राचार्य, शिक्षक, संचालक, स्टॉफ तथा अध्ययनरत 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राओं से अपेक्षा है कि वे कोविड-19 के टीके की दोनो डोज लें। ऐसे स्टॉफ, कर्मियों, छात्र-छात्राओं जिनके द्वारा दोनों टीके नहीं लगाए गए हैं उन्हें दोनों टीके लगवाना प्राचार्य, संचालक सुनिश्चित करें। समस्त मार्केट प्लेस एवं मॉल के दुकानदारों तथा मेलों में दुकान लगाने वाले दुकानदारों से अपेक्षा है कि वे कोविड-19 टीके की दोनों डोज लें। जिन दुकानदारों द्वारा दोनों टीके नहीं लगाए गये हैं उन्हें दोनों टीके लगवाना मार्केट एसोसिएशन, मॉल प्रबन्धन, मेला आयोजक सुनिश्चित करें। समस्त सिनेमाहाल, मल्टीप्लैक्स, थिएटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल स्टॉफ को दोनों टीके लगवाना आवश्यक होगा। हॉस्पिटल, नर्सिंग होम्स, मेडिकल दुकानें नाईट कर्फ्यू के दौरान खुली रहेंगी। कोविड उपयुक्त व्यवहार जैसे मॉस्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन सुनिश्चित कराया जाये। जिले के समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार (कार्यपालिक दण्डाधिकारी), मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत को आदेशित किया गया है कि मॉस्क नहीं लगाने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार जुर्माना वसूली की कार्यवाही की जाये।
आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 व अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
