*मंडला*
पनिका समाज संगठन की विकासखंड स्तरीय बैठक हीरापुर में रविवार 9 जनवरी को भारी स्वजातीय संख्याबल के बीच संपन्न हुई।
संगठन से पी.डी.खैरवार एवं मीडिया प्रभारी रामकुमार बघेल ने जारी विज्ञप्ति में बताया है,कि पनिका समाज के बैनर तले सर्व समाज को जागरूक करने रविवार 9 जनवरी को बैठक संपन्न हुई।बैठक में कोविड से सुरक्षित वातावरण निर्माण, जातिगत सर्वे,संगठन विस्तार,क्षेत्रीय बंधन की समझ, संविधान संदेश से संबंधित गहन चर्चा हुई।बैठक में उपस्थित स्वजातीय समुदाय ने एकमत होकर संकल्प लिया है,कि अब पनका,पनिका जाति के लोग संगठित होकर अपनी जायज आवाज बुलंद करने में लगातार लगे रहेंगे। संगठन जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र धार्या ने सरकार पर आरोप लगाया है,कि 1971 से पनका,पनिका समाज को सरकार ने आदिवासी वर्ग से हटाकर अन्य पिछड़े वर्ग में लाकर विकास को रोक दिया है। इन पचास सालों में क्षेत्रीय बंधन के कारण समाज का सामाजिक शैक्षिक भौतिक ही नहीं सभी दृष्टि से पतन होता चला जा रहा है।जबकि छिने हुए हक को वापस लेने की जायज मांग 1971 से लगातार जारी है। सरकार से मांग करते आ रहे हैं कि पनका पनिका जाति को 1971 से पूर्व की तरह पूर्ववत अनुसूचित जनजाति आदिवासी वर्ग में जल्द सामिल किया जाए।जिस पर सरकार आस्वासन के अलावा कुछ भी नहीं कर रही है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के ही विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र से ग्यारह जिलों में आज भी यह जाति यथावत आदिवासी वर्ग में बनी हुई है।सारे प्रदेश के पनका,पनिका जाति के बीच रोटी बेटी के संबंध होते हुए भी धीरे धीरे भेदभाव बढ़ते जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष जे.डी.बैरागी, प्रदेश कोषाध्यक्ष पी.डी.खैरवार,जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र धार्या,घुघरी तहसील अध्यक्ष तुलसीराम पड़वार,संगठन महामंत्री कैलाश संत,अजय पड़वार,सरपंच नोखे दास सोनवानी,महंत सोना दास मानिकपुरी, महंत बसोरी दास सोनवानी के द्वारा सभी को एकजुट और संगठित होकर अपनी जायज मांग को लेकर सरकार के सामने अपना पक्ष रखे जाने अपील की गई है।
हीरापुर के आसपास दस गांवों के बीच सेक्टर का गठन कर विस्तार का दायित्व जिला उपाध्यक्ष सालिक राम धार्वे को सौंपा गया है।
क्षेत्रीय स्वजातीय समाज से शालिकराम धार्वे,बबलू धार्वे,पवन धार्वे, सुनील धार्वे,धांधू दास धार्वे,सगुन धार्वे सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय समाज सामिल रहा।
भवदीय
पी.डी.खैरवार
