फसल गिरदावरी में विसंगति होने पर 5 सितम्बर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं किसान
मण्डला 19 अगस्त 2022
अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि शासन से फसलों की गिरदावरी का कार्य माह अगस्त में किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को 1 अगस्त 2022 से 15 अगस्त 2022 तक स्वयं के मोबाईल से गिरदावरी किये जाने की सुविधा प्रदान की गई थी। 16 अगस्त 2022 तक जिले में कुल 4708 किसानों द्वारा गिरदावरी की गई है।
शासन के निर्देशानुसार शेष रकबे की गिरदावरी संबंधित ग्रामों के पटवारियों द्वारा की जानी है जिसके अंतर्गत पटवारियों को निर्देशित किया गया है। पटवारियों द्वारा ग्रामों में सतत् भ्रमण किया जाकर मौके पर फसल गिरदावरी की जा रही है जिसे 31 अगस्त 2022 तक पूर्ण किया जाना है। जिले के शेष किसान जिनकी फसल गिरदावरी शेष है वे संबंधित पटवारियों से संपर्क स्थापित कर फील्ड में उपस्थित होकर पटवारियों के माध्यम से अपनी फसलों की गिरदावरी करा सकते हैं। जिन किसानों ने स्वयं के माध्यम से फसल गिरदावरी की है और उसमें विसंगति प्रदर्शित हो रही है वे किसान संबंधित तहसील में 5 सितम्बर 2022 तक उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त दावा अपत्तियों का निराकरण तहसीलदार, नायब तहसीलदार 10 सितम्बर 2022 तक आवश्यक जांच उपरांत करेंगें। तद्उपरांत मौसम खरीफ 2022 का डाटा लॉक किया जाएगा।

अनुज्ञप्तिधारियों की निलंबित अनुज्ञप्तियों का निलंबन समाप्त
मण्डला 19 अगस्त 2022
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल के द्वारा जिला मण्डला के समस्त जनपद पंचायत क्षेत्रों के पंचायत आम निर्वाचन 2022 हेतु निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया था। निर्वाचन कार्यक्रम 27 मई 2022 के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत, निर्वाचन क्षेत्र, वार्ड क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने के कारण शस्त्र जमा कराये गये थे।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हर्षिका सिंह द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन सम्पन्न होने के पश्चात् 15 जुलाई 2022 को आदर्श आचरण संहिता समाप्त होने के फलस्वरूप अनुज्ञप्तिधारियों की निलंबित अनुज्ञप्तियों का निलंबन समाप्त किया गया है एवं थाने में जमा शस्त्रों को निकालने की अनुमति प्रदान करी दी गई है।

जिले की औसत वर्षा की जानकारी
मण्डला 19 अगस्त 2022
जिले में इस वर्ष एक जून से 19 अगस्त के दौरान 941.2 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि तक गत वर्ष 659.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष 281.3 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 अगस्त को जिले में वर्षा नहीं हुई है।

आर्थिक सहायता स्वीकृत
मण्डला 19 अगस्त 2022
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बरगाँव निवासी कमला बाई पति स्व. ठूनू के मकान में आग लगने के कारण 50 प्रतिशत की क्षति का आंकलन किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निवास द्वारा पीड़ित व्यक्ति को कुल 95 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

1 कोरोना मरीज डिस्चार्ज हुआ
मण्डला 19 अगस्त 2022
जिले के कोविड संक्रमित मरीजों के द्वारा कोरोना को हराकर स्वस्थ होने एवं घर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में 18 अगस्त की शाम 3 बजे से 19 अगस्त की शाम 3 बजे तक जिले में 1 कोरोना मरीज ने कोरोना को हराकर अपने घर लौटा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ हुए मरीजों को कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी गई है।

1 कोरोना केस मिला
मण्डला 19 अगस्त 2022
18 अगस्त 2022 की शाम 3 बजे से 19 अगस्त 2022 की शाम 3 बजे तक जिले में 1 नया कोरोना पॉजिटिव केस मिला है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिलगी निवासी 30 वर्षीय महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त हुई है। संक्रमित को आईसोलेशन में रखा गया है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जनसामान्य से मॉस्क लगाने तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने का आव्हान किया है।

बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचने एडवाईजरी
मण्डला 19 अगस्त 2022
कोविड-19 कोरोना महामारी के अलावा वर्तमान समय में बरसात के समय में जलजनित बीमारी होने की संभावना हो सकती है। बरसात में अक्सर दस्त, उल्टी, बुखार, आव, पेट दर्द, पेचिस, पीलिया, टाइफाईड, डायरिया जैसी बीमारियां होती हैं। बीमारी से बचने के लिए सावधान रहें, बीमार न हों इसके उपाय करें एवं स्वास्थ्य रहें।
बीमारी से कैसे बचें – उल्टी, दस्त, पेचिस, आव, संक्रामक बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन का सेवन करें। शुद्ध पानी पीएं, कुऐं, नदी, नाला का पानी न पीयें, पानी क्लोरीनेशन कर के पीएं, सड़ी-गली सब्जी, फल, बासा खाना न खायें, मांस का उपयोग बरसात के दिनों में सेवन न करें। व्यक्तिगत स्वच्छता अपनायें, खाने के चीजों को छूने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं, संक्रमित चीजों को छूने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं, भोजन खाने के पहले या शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं, स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें।
उपचार – डॉ. के परामर्श से उल्टी, दस्त के लिए टेबलेट फ्यूराजोलाडिन, मेट्रोजिन डायक्लोमिन, मेट्रोक्लोरापामाईड, जिंक, ओ.आर.एस. का घोल, खीरा, दही, सिकंजी, चावल का पानी तथा तरल पदार्थ का अधिक मात्रा में सेवन करें।
सुझाव – दस्त से संबंधित संक्रामक बीमारी होने पर नजदीकी अस्पताल जायें, ग्राम स्तर में आशा कार्यकर्ता डीपो होल्डर के माध्यम से जीवन रक्षक दवाइयाँ प्राप्त करें।
बरसात के दिनों में वेक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगु, चिकुनगुनिया, फायलेरिया जैसे गंभीर बीमारी होती है। गंदा पानी, नाली, गडढों में पानी एकत्रित होने से मच्छर के लारवा से अंडे पनपते हैं।
मलेरिया – मादा एनाफिलिस मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। डेंगू – डेंगू का लारवा साफ पानी में पैदा होता है जैसे- कूलर, टूटे हुए टायर, टंकी में एडीज मच्छर के लारवा पनपते है। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। चिकुनगुनिया – इसका वायरस सीधे हड्डी पर अटैक करता है जिसे असहनीय दर्द होता है। मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, फायलेरिया कैसे बचें – घर के आस-पास की सफाई रखें, पानी इकटठा न होने दें, गड्ढों को भरे जायें, टायर, कबाड़ सामान ढंक्कर रखें। इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें, कूलर व टंकी का पानी को एक सप्ताह में खाली करें, नीम का धुआँ करें, शाम के समय खिड़की दरवाजा बंद रखें, रात्रि में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरी आस्तीन के कपडे़ पहनें।
मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड़ सामान ढंक्कर रखें। इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जाँच करायें। सुझाव – बुखार आने पर नजदीकी अस्पताल जाकर खून की जांच कारायें एवं ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के पास जाकर खून की जाँच कराएं और दवाएं प्राप्त करें।

