प्रसूति सहायता योजना के तहत 2 किश्तों में मिलेंगे 16 हजार रूपए
मंडला 21 दिसम्बर 2022
प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक अथवा पंजीकृत पुरूष निर्माण श्रमिक की पत्नि की प्रसूति होने पर प्रसूति हितलाभ दिए जाने का प्रावधान है। योजना के तहत वैध परिचय पत्र धारी महिला श्रमिक (प्रसूति होने पर) अथवा वैध परिचय पत्र धारी पुरुष निर्माण श्रमिक (पत्नि की प्रसूति पर) पात्र होंगे।
प्रसूति सहायता के रूप में राशि रूपये 16 हजार दो किश्तों में देय होगी। गर्भावस्था का पंजीयन प्रथम त्रैमास में करवाये जाने पर प्रथम किश्त के रूप में 4 हजार रूपए दिए जाएंगे। शासकीय चिकित्सालय अथवा आयुष्मान भारत ’निरामयम’ कार्यक्रम अंतर्गत गर्भावस्था एवं प्रसव संबंधी हाई रिस्क पैकेज हेतु प्रदेश के चिन्हित जिलों के अधिकृत अशासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने पर तथा नवजात शिशु का संस्थागत जन्त उपरांत पंजीयन कराने तथा शिशु को शीघ्र स्तनपान कराने पर व शिशु को 0 डोज बीसीजी, ओपीवी व एचईपी बी टीकाकरण कराने पर द्वितीय किश्त के रूप में 12 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 16 हजार रूपए देय होगा।
योजना के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्र, विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल को पदाभिहित अधिकारी नियुक्त हैं। योजना से लाभ लेने के लिए उपरोक्त संस्थाओं पर आवेदन किया जा सकता है।

शीत से बचने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी की एडवाईजरी
मण्डला 21 दिसम्बर 2022
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजनों को शीत से बचाने एडवाईजरी जारी की है। जारी एडवाईजरी में उन्होंने कहा है कि वर्तमान में शीत ऋतु में वातावरण का तापमान अत्यधिक कम होने व शीतलहर के कारण मानव स्वास्थ्य पर अनेक विपरीत प्रभाव जैसे- सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया, त्वचा रोग, फेफड़ों में संक्रमण, हाईपोथर्मिया, अस्थमा, एलर्जी होने की आशंका बढ़ सकती है। यदि समय पर नियंत्रित न किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है।
शीत से बचने के लिए क्या करें
शीत से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, घर में ठंडी हवा प्रवेश न हो इसलिए दरवाजे व खिड़की बंद रखें, सोते समय रजाई, कम्बल का उपयोग करें। फ्लू या बुखार, नाक बंद होने की स्थिति में घर से बाहर न निकलें, घर में रहें, आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक से परामर्श करें, गरम एवं ताजा भोजन, गर्म पानी का उपयोग करें, वृद्ध, बच्चे एवं गर्भवती माताओं का विशेष ध्यान रखें, लकड़ी का अलाव, सिगड़ी एवं रूम हीटर का उपयोग करें। शीतघात के दौरान यथासंभव घर के अंदर रहें और ठण्डी हवा बारिश बर्फ से संपर्क रोकने के लिये अनिवार्य होने पर ही यात्रा करें, शरीर को सूखा रखें, शरीर की गरमाहट बनाये रखने हेतु अपने सिर, गर्दन, कान, नाक को पर्याप्त रूप से ढकें, सूती एवं गर्म ऊनी कपड़े पहनें, शरीर की गर्मी बचाये रखने के लिए टोपी, मफलर तथा आवरण युक्त एवं जलरोधी जूतों का उपयोग करें, फेफड़ों में संक्रमण से बचाव हेतु मँुह एवं नाक ढक्कर रखें। स्वास्थ्यवर्धक गरम भोजन का सेवन करें, शीत प्रकृति के भोजन से दूर रहें। गरम तरल पदार्थ नियमित रूप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहे। रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता में वृद्धि के लिए विटामिन सी से भरपूर ताजे फल व सब्जियाँ खाएं। तेल, क्रीम, जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से अपनी त्वचा का मसाज करें। बुजुर्ग, नवजात शिशु तथा बच्चों का यथासम्भव अधिक ध्यान रखें क्योकि उन पर शीतऋतु का प्रभाव अधिक होता है। बच्चों व बुजुर्गों को टोपी मफलर, स्वेटर व गर्म कपड़े पहनाकर गर्म रखें। कमरे को गर्म करने के लिए कोयले का प्रयोग न करें, अगर कोयले व लकड़ी जलाना आवश्यक है तो रोशनदान का प्रयोग करें, बंद कमरे में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है क्योकि यह कार्बन मोनोऑक्साईड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है जो किसी की जान भी ले सकती है। अधिक समय तक ठण्ड में न रहें, शराब न पिएं, यह शरीर की गरमाहट को कम करता है। यह खून की नसों को पतला कर देता है, विशेषकर हाथों से जिसमें हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है, शीत में छतिग्रस्त हिस्सों की मालिश न करें, अचेतन अवस्था में किसी व्यक्ति को तरल पदार्थ न दें, शीतलहर, हाईपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान कराएं।

अगले आदेश तक जारी रहेगी सप्ताह के 5 कार्यदिवस संबंधी व्यवस्था
मंडला 21 दिसम्बर 2022
राज्य शासन द्वारा कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों के कार्यदिवस सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) निर्धारित किए गये थे। उक्त आदेश 31 दिसंबर 2022 तक प्रभावशील है। इसी अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश के शासकीय कार्यालयों के कार्यदिवस सप्ताह में 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार निर्धारित करने संबंधी व्यवस्था को आगामी आदेश तक यथावत प्रभावशील रखने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।

जेल परिसर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
.महिलाओं को दिया प्रमाण-पत्र
मण्डला। राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन द्वारा वंदीग्रत महिलाओं को पांच दिवसीय ब्यूटीपार्लर एवं सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका समापन बुधवार को जिला जेल परिसर में किया गया। यहां सर्वप्रथम जेल अधीक्षक अजमेर सिंह ठाकुर एवं उप जेल अधीक्षक लवसिंह काटिया का राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अशोक खरबंदा द्वारा शॉल श्रीफल से स्वागत किया गया। साथ ही वंदीग्रत महिलाओं से जेल अधीक्षक अजमेर सिंह ठाकुर ने मानवाधिकार फाउंडेशन द्वारा सिखाए गए ब्यूटीपार्लर एवं सिलाई प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली गई। प्रशिक्षण प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती दीपा ठाकुर, संभागीय अध्यक्ष संजय भाटिया के मार्गदर्शन मे सम्पन्न हुआ। वहीं जेल अधीक्षक एवं मानवाधिकार फाउंडेशन के द्वारा ब्यूटीपार्लर एवं सिलाई का प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र दिया गया। जिसके पश्चात् महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष श्रीमति उमा यादव ने कहा कि यह प्रशिक्षण इसलिए आपको दिया गया है कि जेल से छूटने के बाद पुन: प्रशिक्षण के साथ व्यवसाय प्रारंभ कर सकें व्यवसाय में होने वाली कठिनाईयों में मानवाधिकार फाउंडेशन सुविधा उपलब्ध कराएगा। वहीं वंदीग्रत महिलाओं को फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं के द्वारा वस्त्र वितरण किया गया है। इस दौरान सचिव कोमल कछवाहा, नगर अध्यक्ष अजय शुक्ला, रोहित बघेल, कोषाध्यक्ष संजय सैनी, महासचिव श्रीमती आशा खरबंदा, सहसचिव श्रीमती पूनम साहू, नगर उपाध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, श्रीमती किरण केसवानी, श्रीमती रजनी गुप्ता, श्रीमती सरिता बैरागी, जितेंद्र श्रीवास, श्रीमती दुर्गेश साहू सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

