सहायक संचालक रोहित बड़कुल को डीपीसी का प्रभार
मण्डला 18 फरवरी 2023
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र मण्डला बी०पी० ठाकुर को कार्यभार से मुक्त कर सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग रोहित बड़कुल को आगामी आदेश तक अपने कार्य के साथ-साथ जिला परियोजना समन्वयक का वित्तीय एवं प्रशासकीय कार्य संपादित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

19 फरवरी को प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण कार्यक्रम
मण्डला 18 फरवरी 2023
पर्यावरण विभाग म.प्र. शासन ने समस्त संभाग आयुक्त एवं जिला कलेक्टर्स को आगामी 19 फरवरी को समस्त जिलों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि राज्य के हरित क्षेत्र में वृद्धि कर प्रदेश के पर्यावरण को स्वच्छ रखने व प्रकृति को प्राणवायु से समृद्ध रखने के उद्देश्य से म.प्र. शासन, पर्यावरण विभाग के द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देश अनुसार जन सहभागिता के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण अभियान ’अंकुर कार्यक्रम’ विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 से आरंभ किया गया है। आमजन की सुविधा के लिये स्वैच्छा से पौधारोपण हेतु प्रदेश के सभी नगरों एवं गाँवों में पौधारोपण हेतु स्थल चिन्हित किये जाने एवं पौधारोपण के लिये अन्य आवश्यक सुविधायें सुनिश्चित करने के लिये म.प्र. शासन, पर्यावरण विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। प्राकृतिक संरक्षण में वृक्षों की महत्ता को दृष्टिगत मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 19 फरवरी 2021 से प्रतिदिन पौधारोपण का संकल्प लिया गया था। इसी क्रम में 19 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिदिन पौधारोपण करने के संकल्प के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य शासन द्वारा 19 फरवरी 2023 को प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य शासन के निर्णय अनुसार 19 फरवरी 2023 को प्रत्येक जिले में 19 फरवरी 2023 को प्रचलित विकास यात्रा आरंभ स्थल पर सामुदायिक रूप से वृक्षारोपण करें। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक स्थान चिन्हित कर अधिकतम 5 पौधों का रोपण करवाया जाए। जिले की प्रत्येक शिक्षण संस्थाओं (समस्त विद्यालय, महाविद्यालय) में अधिकतम 5 पौधों का रोपण करें। कार्यक्रम अंतर्गत 19 फरवरी 2023 को किये जाने वाले वृक्षारोपण को वायुदूत (अंकुर) ऐप पर पृथक से पंजीयन कर फोटो अपलोड करवाया जाए। अंकुर कार्यक्रम के प्रतिभागियों द्वारा पूर्व में रोपित पौधों की सिंचाई व सुरक्षा हेतु संदेश प्रसारित करें।

उपार्जन की अंतिम तिथि 25 फरवरी
मण्डला 18 फरवरी 2023
जिले में गत वर्ष 21100 किसानों में गेहूं विक्रय हेतु पंजीयन कराया था। रबी विपणन वर्ष 2023-24 में गेहूं, चना मसूर एवं सरसों के पंजीयन का कार्य जिले के 36 विभिन्न पंजीयन केन्द्रों पर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 25 विभिन्न सीएससी सेंटरों पर भी पंजीयन का कार्य कराया जा रहा है। शासन द्वारा पंजीयन का कार्य 5 फरवरी 2023 से 25 फरवरी 2023 तक की अवधि नियत की गई है। जिले में अभी तक 3728 किसानों ने ही पंजीयन कराये हैं। जिला प्रशासन द्वारा किसानों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की गई है ताकि अन्तिम समय में असुविधा न रहे।

मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (ग्रामीण) योजना
मंडला 18 फरवरी 2023
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो आवासहीन अथवा कच्चे, अर्धपक्के आवासों में निवासरत हैं, को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए, मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (ग्रामीण) योजना, 2013 सम्पूर्ण म.प्र. राज्य के ग्रामीण क्षेत्र (शहरी एवं नजूल बाह्य क्षेत्र को छोड़कर) लागू है।
पात्रता
आवासहीन, कच्चे, अर्द्धपक्के आवासों में निवासरत, ग्राम में रहने वाले, निरंतर 2 वर्षों से पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो निम्न शर्तें पूर्ण करते हों, इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं- जो इंदिरा आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के अन्तर्गत आवास निर्माण हेतु अनुदान प्राप्त करने की पात्रता धारित न करते हों। जिनके परिवार के पास अधिकतम तीन हेक्टेयर कृषि भूमि हो अथवा जिनके परिवार की सभी स्त्रोतों से अधिकतम आय 3 लाख रूपए वार्षिक तक हो। जिनके पास उक्त कंडिका 6 में वर्णित अनुसार, आवास निर्माण के लिये पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। अथवा जो शासन से आवास हेतु भूमि प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं। अथवा जो अपने स्वामित्व की कृषि भूमि में स्थित भू-खंड पर आवास निर्माण के इच्छुक हों। अथवा जो ग्राम की आबादी में भू-खंडधारक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं। जो निर्धारित अभिन्यास में 225 वर्गफुट प्लिंथ एरिया का आवास निर्माण हेतु बैंक से ऋण प्राप्त करने तथा स्वयं का अंशदान श्रम, सामग्री, सम्मिलित रूप में प्रदान करने के लिए सहमत हों।
हितलाभ
चयनित हितग्राही को न्यूनतम 50 हजार रूपए के बैंक ऋण अनुदान की प्रतिपूर्ति मंडल द्वारा की जाएगी। यद्यपि बैंक द्वारा हितग्राही को न्यूनतम रूपये 50 हजार का ऋण स्वीकृत किया जाएगा, किन्तु हितग्राही की माँग पर, यदि बैंक चाहेगा तो हितग्राही की पुर्नभुगतान क्षमता का निर्धारण कर, पुनः भुगतान क्षमता के आधार पर, उक्त 50 हजार रूपए मात्र के ऋण के अतिरिक्त, अधिकतम 30 हजार रूपए मात्र का अतिरिक्त ऋण, उसे स्वीकृत कर सकेगा किन्तु इस अतिरिक्त ऋण स्वीकृति में राज्य शासन की कोई भूमिका नहीं होगी। मण्डल द्वारा देय अनुदान की राशि प्रत्येक प्रकरण में 50 हजार रूपए मात्र तक सीमित होगी। मण्डल के अनुदान की राशि मण्डल द्वारा जिला श्रम कार्यालयों को प्रदान की जायेगी जिसे जिला श्रम कार्यालय द्वारा लक्ष्य के अनुपात में जनपदों को उपलब्ध कराया जायेगा तथा जनपद द्वारा स्वीकृत ऋण प्रकरणों के आधार पर बैंकों को मांग अनुसार राशि उपलब्ध कराई जायेगी। पदाभिहित अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत है।


1 comment
Good news quality