मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में हर अबैध काम नोटों के बैध होते नजर आ रहे है और तो और जिले के खनिज अधिकारी को पता भी नही की किन किन खदानें बैध है और कौन सी अबैध शायद रेत माफियाओं के नोटों का डर इतना सता रहा कि ये ऑफिस से बाहर जाना पसंद भी नही कर रहे है और रेत माफ़िया सक्रिय होकर बैध अबैध सब खदानों से दिलेरी से रेत निकाल कर नदी नालों का सीना छलनी कर रहे है और पोखलेंड मशीन से पानी के अंदर से रेत निकली जा रही है और डंफरो से ढोई जा रही है
वही जानकारी के अनुसार वंशिका कंपनी के द्वारा ग्राम इंद्री के पास कन्हार नदी के अंदर मिट्टी डालकर और नदी के बहते पानी को रोकते हुए कुछ पुलिया डाल कर पूरी नदी में मिट्टी डालकर रोड़ बना दी और पर्यावरण जलीय जीव के जीवन को अनदेखा करते हुए अपने निजी स्वर्थ के चलते पोखलेंड लगा कर बीच नदी से रेत निकली जा रही है और इधर जिले के खनिज अधिकारी से जब मीडिया ने बात की तो उनका कहना था कि इंद्री के पास बहेरी खदान ही स्वीकृत है वह भी वंशिका कंस्ट्रक्शन ने ली बाकी कहा से रेत निकाली जा रही है मुझे जानकारी नही है अगर आपके पास जानकारी है तो आप जी पी एस से फ़ोटो खेच कर मुझे दे तभी बता पाऊँगा। वही जब जिले जिम्मेदार खनिज अधिकारी इतने जिम्मेदार है कि उन्हें ये भी पता नही है कि जिले में कितनी रेत की खदानें स्वीकृत है और कहाँ कहाँ है इतने जिम्मेदार अधिकारी है मंडला के खनिज अधिकारी शायद तभी जनता परेशान ओर ये साहब आराम फरमा रहें।
वही समय समय मे जिले की मुखिया कलेक्टर महोदया तो चाहती है कि जिले में एक भी अबैध कारोबार संचालित न हो और जनता को कोई परेशानी न पर इनके अधीनस्थ बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कुछ न कुछ बहाने बना कर उनके आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए नजर आ रहे है।
वही रेत खदानों के सरेंडर किए जाने की खबरें फैलते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। मंडला की रेत सफेद सोने से कम नहीं है, शासन को सबसे ज्यादा राजस्व रेत खदानों के ठेके से मिलता है। सूत्रों के अनुसार इस बार जिले की लगभग 26 खदानें वंशिका कंन्स्ट्रक्सन को लगभग 47 करोड़ में ठेके में दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस बार विभाग के सामने एक बड़ी समस्या यह उत्पन्न हो गई है रेत खदानों को ठेके में लेने वाले ठेकेदार ने खदान सरेंडर करने के लिए एक पत्र शासन भेजा है। जिसकी जानकारी लगने के बाद रेत माफिया सक्रिय हो गए है। जिले भर में रेत चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
वही जानकारी के अनुसार रेत का अवैध उत्खनन हिरदेनगर, बम्हनी, अंजनिया के आसपास नारा, दिवारा, बगली, बोकर, जिगराघाट, मांद के अलावा अन्य जगहों से रेत माफिया अवैध रेत का खनन कर रहें हैं। रेत माफिया मांद की नदी, बघरोड़ी गांव की मटीयारी नदी के आसपास के अलावा सुरपन नदी से बेधड़क रेत निकाली जा रही है। बम्हनी थानांतर्गत यहां पुल के नीचे से धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है, इसी तरह टिकरवारा, नारा, दिवारा, सिलगी, भडिय़ा, बरबरसपुर, इन्द्री, बहेरी, टाटरी सहित जिले में करीब आधा सैंकड़ा स्थानों से रेत निकाली जा रही है। कहीं रात के अंधेरे में रेत चोरी की जाती है तो कुछ स्थानो में दिन में रेत खनन किया जा रहा है। बिछिया, घुघरी, अंजनियां, बम्हनी, टाटरी, मोहगांव थाना के अंतर्गत रेत खनन का कार्य अधिक हो रहा है।
