Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

मलेरिया व डेंगू, चिकुनगुनिया से बचाव के लिए रखें सावधानियाँ

मंडला 6 जुलाई 2024

वर्षाकाल में मच्छरों की उत्पत्ति बढ़ जाता है और मच्छरजन्य परिस्थितियाँ निर्मित होती हैं जिससे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया के प्रसार की भी संभावना होती है, इसलिए मलेरिया, डेंगू एवं चिकुनगुनिया से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियाँ रखी जानी अत्यंत आवश्यक है।

 

मलेरिया के लक्षण

 

कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। कपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक रुक्कर बुखार आना, पसीना आकर बुखार उतरना, ठंड, गर्मी या तपन का महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हैं।

 

बुखार आने पर क्या करें

 

बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जाँच कराएं एवं मलेरिया की पुष्टि होने पर पूर्ण उपचार लें। खाली पेट दवा का सेवन कदापि नहीं करना चाहिए। मलेरिया की जांच व उपचार सभी शासकीय अस्पतालों पर निःशुल्क उपलब्ध है।

 

डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर कहाँ पैदा होते हैं

 

छत पर खुली टंकियाँ, खाली बर्तन, मटके, गमले, टायर, कूलर, फ्रिज के पीछे भरा पानी, गार्डन, फूलदान, पात्रों में एक सप्ताह से अधिक भरे साफ पानी में मच्छर अंडे देते हैं जिससे लार्वा एवं पूर्ण वयस्क मच्छर बनता है।

 

डेंगू के लक्षण

 

2-7 दिन तक बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आँख के पीछे दर्द, खसरा जैसे लाल चकत्ते-छाती एवं हाथों पर डेंगू के लक्षण होते हैं।

 

डेंगू का उपचार

 

डेंगू की कोई विशिष्ट दवा नहीं हैं। डेंगू की पुष्टि होने पर चिकित्सक के परामर्श अनुसार उपचार लेना चाहिए। रोगी को पर्यापत मात्रा में पेय पदार्थ जैसे- फलों का रस, पानी, ओ.आर.एस लेना चाहिए एवं आराम करना चाहिए। किसी भी दर्द निवारक गोली का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

क्या करें

 

मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने हेतु भरे हुए पानी को हर 3-4 दिन में बदलना चाहिए। पानी संग्रहण करने वाली टंकी, बाल्टी एवं अन्य, पानी से भरे हुए बर्तन को ढक्कर रखना चाहिए। वाशबेसिन, बाथरुम में पानी निकासी के स्थान में मच्छररोधी जाली लगवाना चाहिए एवं मच्छर की उत्पत्ति स्थल पर मिट्टी का तेल या जला हुआ आइल डालना चाहिए। यह आवश्यक है कि घरों के आस-पास सफाई रखें, अनावश्यक पानी जमा न होने दें। सोने के लिए हम मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियों, मच्छर निरोधी क्रीम, कॉइल का उपयोग करें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे- लेमन ग्रास, लहसुन, लेवेंडर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगाएं।

Related posts

कमिश्नर वीसी आज शाम 5 बजे

Reva India News

ग्राम ख़ुदराही की गलियों में हुई रोशनी कलेक्टर को ग्रामीणों ने बतायी थी समस्या

Reva India News

आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक एवं कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा 4 सितंबर को

Reva India News

Leave a Comment