Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

महिलाओं को वीरता के साथ आगे आना चाहिए दुर्गावती से मिलती है वीरता साहस और पराक्रम की प्रेरणा .विश्व हिन्दू परिषद स्मरण का कार्यक्रम आयोजित

मण्डला। रविवार को विश्व हिन्दू परिषद जिला मण्डला महाकौशल प्रांत के द्वारा महारानी दुर्गावती की 500वीं जयंती के अवसर पर स्मरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्यवक्ता विनायक राव जी केन्द्रीय सह संगठन मंत्री विश्व हिन्दू परिषद रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमति मुन्नी वरकड़े जिला शिक्षा अधिकारी मंडला ने की। वहीं मुख्य अतिथि श्रीमति राशि पमनानी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानी रामगढ़ में किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरूआत रानी दुर्गावती एवं रानी अहिल्याबाई के तैल्यचित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री श्रीमति संपतिया उइके की भी उपस्थिति रही। यहां नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा अष्टमी समारोह आयोजित किया गया। इसके पश्चात वीरांगनाओं की जीवन गाथा पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव जी ने कहा महिलाओं को वीरता के साथ आगे आना चाहि हमारे गोंडवाना राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती ने जिस प्रकार अपने गढ़ की सुरक्षा और दुश्मनों से युद्ध करते हुए अपनी वीरता का परिचय दिया ऐसी ही वीरता का परिचय देने के लिए हर नारी को तैयार होना चाहिए। रानी दुर्गावती ने अपने गोंडवाना राज्य की सुरक्षा के लिए प्राणों का आत्म उत्सर्ग किया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानने का प्रण लिया था, यही विचारधारा हर नारी में होना चाहिए मंडला गोंडवाना क्षेत्र में वीरांगना रानी दुर्गावती एवं वीरांगना अहिल्याबाई होलकर के बलिदान हमारे लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ था। वह राजा कीर्तिसिंह चंदेल की इकलौती संतान थीं। रानी दुर्गावती का बचपन उस माहौल में बीता जिस राजवंश ने अपने मान सम्मान के लिये कई लड़ाईयां लड़ी थी। वहीं 1542 में उनका विवाह राजा दलपत शाह से हो गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राशि पमनानी ने कहा कि रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और वीरता से हर महिला को प्रेरणा लेनी चाहिए और महिलाओं के अंदर सभी शक्तियां मौजूद हैं आज जरूरत है उनको पहचानने की जिस प्रकार से रानी दुर्गावती ने मुगल शासन से सामना करके अपनी गढ़ की सुरक्षा के लिए अपनी वीरता दिखाई वह सभी साहस हर महिला के अंदर होना चाहिए भारतीय इतिहास में रानी दुर्गावती का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। रानी दुर्गावती, भारतीय इतिहास की एक ऐसी वीरांगना थी जिनके साहस, पराक्रम और बलिदान की कहानियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। रानी दुर्गावती, एक ऐसी महिला योद्धा थी जो अपने राज्य की रक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हो गई थी। रानी दुर्गावती, वीरता का प्रतिबिम्ब हैं जिन्हें आज भी सम्पूर्ण भारत में सम्मान की दृष्टि से याद करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमति मुन्नी वरकड़े ने कहा कि आज बालिकाओं को शिक्षित करने की आवश्यकता है, महिलाओं को भी शिक्षा के लिए हमेशा जागृत रहते हुए दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए, शिक्षित वर्ग से ही समाज का उत्थान हो सकता है कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। वीरांगना महारानी दुर्गावती साक्षात दुर्गा थी। जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। वीरतापूर्ण चरित्र वाली इस रानी ने अंत समय निकट जानकर अपनी कटार स्वयं ही अपने सीने में मारकर आत्म बलिदान के पथ पर बढ़ गईं। कार्यक्रम में बालिका ने वीरांगना के ऊपर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष शक्ति क्षेतीजा ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहे।

Related posts

शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों की सेवा करने का अवसर मिला है – कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा घुघरी में भारत सरकार की एडिप योजना एलिम्को सहायक उपकरण वितरण शिविर संपन्न हुआ

Reva India News

मुश्किल में मोदी सरकार मंडला के किसानों ने भी 3 कानूनों के विरोध पर सौंपा राष्ट्रपति को ज्ञापन

Reva India News

तम्बाकू नियंत्रण के लिए हुई जिला स्तरीय कार्यशाला सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर लगेगा 200 रुपये का जुर्माना  

Reva India News

Leave a Comment