मंडला, 11 मई 2025
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 10 मई 2025 को हुआ। जिला मण्डला में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोषी के निर्देशन में एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। सभी प्रकार के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना, भरण-पोषण, चैक बाउन्स, श्रम, राजस्व (जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण) पारिवारिक वैवाहिक मामले न्यायालय के प्रकरणों के साथ-साथ, बैंक, नगरपालिका, विद्युत एवं बीएसएनएल के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। मंडला, नैनपुर, बिछिया तथा निवास में आयोजित नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित 215 प्रकरणों में से 177 प्रकरण निराकृत किये गये तथा 1 करोड़ 90 लाख 79 हजार 870 रूपये राशि का धनादेश पारित किया गया तथा प्री-लिटिगेषन के 200 प्रकरण में से 188 प्रकरण निराकृत किये गये तथा 66 लाख 57 हजार 999 रूपये राशि का धनादेश पारित किया गया। इस लोक अदालत से कुल 629 लोग लाभांवित हुये।

न्यायिक मजिस्टेªट/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा ने बताया कि नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय मण्डला एवं तहसील न्यायालय नैनपुर/निवास/बिछिया में भी उक्त नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई जिसमें सभी समझौते योग्य प्रकरणों के निराकरण हेतु 23 खंडपीठों का गठन किया गया है। जिसमें आपसी सुलह के आधार पर राजीनामा किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार की नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 36 प्रकरणों में से 31 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 52 लाख 45 हजार 86 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई, विद्युत विभाग के 117 प्रकरणों में से सभी 117 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 9 लाख 40 हजार 753 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई, नगरपालिका के 23 प्रकरणों में से 19 प्रकरण निराकृत हुये, जिसमें 1 लाख 23 हजार 499 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई।

न्यायालय के लंबित केसेस में समझौता योग्य आपराधिक 78 प्रकरणों में से 68 निराकृत किए गए। धारा 138 एनआई एक्ट के 40 प्रकरणों में से 38 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें राशि 74 लाख 86 हजार 77 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। एमएसीटी के 22 प्रकरणों में से 19 प्रकरण निराकृत हुये 1 करोड़ 39 हजार 443 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार पारिवारिक विवाद के 20 प्रकरणों में से 8 प्रकरणों को निराकरण हुआ। अन्य सिविल प्रकृति के 15 प्रकरणों में से 14 प्रकरण निराकृत हुये। सभी समझौता योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह के आधार पर किया गया तथा सभी लाभान्वितों को पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोक अदालत में उपस्थित लाभान्वित व्यक्तियों को एक-एक पौधा भेंट किया गया व वृक्षारोपण को बढावा देने का संदेष दिया गया।

