मंडला, 12 मई 2025
संपूर्ण सांस्कृतिक भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य करने वाले अद्वैत वेदांत के प्रवक्ता आदिगुरू शंकराचार्य जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रकटोत्सव-एकात्म पर्व के रूप में 2 मई से 16 मई तक पखवाड़ा मनाया जाना है। इसी तारतम्य में जन अभियान परिषद विकासखण्ड घुघरी द्वारा शासकीय सीएम राइज विद्यालय घुघरी में व्याख्यान माला कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप सरस्वती उच्चतर विद्यालय मंडला प्राचार्य श्रीमान कमलेश अग्रहरि, विशिष्ट अतिथि संत श्री महात्मा रघुवीर, जनपद सदस्य श्रीमान नीरज मरकाम, म.प्र. जन अभियान परिषद जिला समन्वयक श्रीमान राजेन्द्र चौधरी, ब्लॉक समन्वयक श्रीमान नेमलाल धुर्वे, समाजसेवी श्रीमान अवधेश चौरसिया, परामर्शदाता-अशोक राजे, हेमन्त चन्द्रौल, नीरज दुबे, नन्दकिशोर राजे, श्रीमती शैल संत नवांकुर संस्था से बाबूराम मरकाम, मिलन धुर्वे,रमेश यादव एवं किशोरी यादव, प्रस्फुटन समिति के सदस्य एवं सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीमान कमलेश अग्रहरि ने सभी उपस्थितजनों से कहा कि अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रखर प्रवक्ता थे आदि शंकराचार्य। प्रत्येक मनुष्य को आदि शंकराचार्य से जीवन दर्शन की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आदि शंकराचार्य के विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिये प्रेरित किया। नीरज मरकाम जी ने भी आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन को समझाया। संत महात्मा रघुवीर जी के द्वारा आदि शंकराचार्य जी के दर्शन एवं नर्मदा मैया के गीत द्वारा सभी को संगीतमय वातावरण बना दिया। व्याख्यान माला के दौरान हेमन्त चन्द्रौल के द्वारा मंच संचालन किया गया।
संपूर्ण सांस्कृतिक भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य करने वाले अद्वैत वेदांत के प्रवक्ता आदिगुरू शंकराचार्य जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रकटोत्सव-एकात्म पर्व के रूप में 2 मई से 16 मई तक पखवाड़ा मनाया जाना है। इसी तारतम्य में जन अभियान परिषद विकासखण्ड घुघरी द्वारा शासकीय सीएम राइज विद्यालय घुघरी में व्याख्यान माला कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप सरस्वती उच्चतर विद्यालय मंडला प्राचार्य श्रीमान कमलेश अग्रहरि, विशिष्ट अतिथि संत श्री महात्मा रघुवीर, जनपद सदस्य श्रीमान नीरज मरकाम, म.प्र. जन अभियान परिषद जिला समन्वयक श्रीमान राजेन्द्र चौधरी, ब्लॉक समन्वयक श्रीमान नेमलाल धुर्वे, समाजसेवी श्रीमान अवधेश चौरसिया, परामर्शदाता-अशोक राजे, हेमन्त चन्द्रौल, नीरज दुबे, नन्दकिशोर राजे, श्रीमती शैल संत नवांकुर संस्था से बाबूराम मरकाम, मिलन धुर्वे,रमेश यादव एवं किशोरी यादव, प्रस्फुटन समिति के सदस्य एवं सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्रीमान कमलेश अग्रहरि ने सभी उपस्थितजनों से कहा कि अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रखर प्रवक्ता थे आदि शंकराचार्य। प्रत्येक मनुष्य को आदि शंकराचार्य से जीवन दर्शन की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आदि शंकराचार्य के विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिये प्रेरित किया। नीरज मरकाम जी ने भी आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन को समझाया। संत महात्मा रघुवीर जी के द्वारा आदि शंकराचार्य जी के दर्शन एवं नर्मदा मैया के गीत द्वारा सभी को संगीतमय वातावरण बना दिया। व्याख्यान माला के दौरान हेमन्त चन्द्रौल के द्वारा मंच संचालन किया गया।
