मंडला, 22 मई 2025
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल व सुविधाजनक बनाने के लिए 18 नई पहल शुरू की गई है। आयोग द्वारा मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 तक सीमित कर दी गई है। ऊंची इमारतों/कॉलोनियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मतदाता सूची अद्यतनीकरण के लिए मृत्यु पंजीकरण का डेटा सीधे आरजीआई डेटाबेस से प्राप्त किया जाएगा। सत्यापन के बाद इसे अद्यतन किया जाएगा। मतदाता सूचना पर्चियों को मतदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाया जाएगा। मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या अब अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। सीईओ/डीईओ/ईआरओ स्तर पर अखिल भारतीय सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गईं। 4 हजार 719 बैठकें आयोजित की गईं। इसमें (सीईओ-40/डीईओएस-800/ईआरओएस-3879) और 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों आप, भाजपा, बसपा, माकपा, एनपीपी के प्रमुखों के साथ चुनाव आयोग ने बैठकें की। आईआईआईडीईएम (बिहार, तमिलनाडु और पुडुचेरी) में राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के एजेंटों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम किया गया। सभी हितधारकों को एक ही स्थान पर सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए नए एकीकृत डैशबोर्ड – ईसीआईएनईटी की शुरूआत की गई। डुप्लीकेट ईपीआईसी नंबर के मुद्दे का समाधान किया गया। अद्वितीय ईपीआईसी नंबर के लिए नई व्यवस्था लागू की गई। मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की पूरी प्रक्रिया में 28 हितधारकों की पहचान की गई, जिनमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम, 1961 और समय-समय पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर मतदाता, चुनाव अधिकारी, राजनीतिक दल, उम्मीदवार और अन्य शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक हितधारक के लिए आयोग के अधिनियमों, नियमों और निर्देशों के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्तुतियाँ तैयार की जा रही हैं। बीएलओ से मानक फोटो पहचान पत्र प्राप्त किया जाएगा। आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 3000 से अधिक बूथ स्तरीय पर्यवेक्षकों को पहले ही आईआईआईडीईएम में प्रशिक्षित किया जा चुका है। अगले कुछ वर्षों में 1 लाख से अधिक बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आईआईआईडीईएम में सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ कार्यालयों के एसएमएनओएस और एमएनओ के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईआईआईडीईएम में बिहार के पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बायोमेट्रिक उपस्थिति का कार्यान्वयन किया गया। ई-ऑफिस का संचालन और क्रियान्वयन के साथ ही सीईओ के साथ नियमित बैठकें की जा रही है।
