13 जून 2025, मंडला
वर्षाऋतु में मछलियों की वंशवृद्धि (प्रजनन) के दृष्टिकोण से उन्हें संरक्षण देने हेतु म.प्र. नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 3 (2) के अंतर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में अधिघोषित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी/नाले से नही है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया गया है, को छोड़कर समस्त नदियों, जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा, साथ ही मत्स्य विक्रय या मत्स्य विनिमय अथवा परिवहन करना भी प्रतिबंधित हैं। इन नियमों के उल्लंघन पर म.प्र. राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम 1981 की धारा 5 के तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या 5 हजार रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।
