मंडला 29 जुलाई 2025
नान/एमपीडब्ल्यूएलसी के जिला प्रबंधक श्री हेमंत वर्मा, कनिष्ठ सहायक नान के श्री द्विजेश दुबे और केंद्र प्रभारी नान के श्री जतिन ठाकुर ने मंडला के सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास, अनुसूचित जाति बालक छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान, छात्रावासों को कल्याणकारी योजना (केकेवाई) के तहत प्राप्त चावल की गुणवत्ता की जांच की गई। अधिकारियों ने सभी छात्रावासों के निरीक्षकों और खाना बनाने वाले कर्मचारियों से चर्चा की। छात्रावास निरीक्षक ने बताया कि चावल की आपूर्ति ठीक है, लेकिन उसमें ’प्लास्टिक चावल’ मिला होने की आशंका है। इस दौरान जिला प्रबंधक हेमंत वर्मा ने बताया कि ’प्लास्टिक चावल’ नहीं है, बल्कि यह फोर्टीफाइड चावल है। उन्होंने इस फोर्टीफाइड चावल में आटे में आयरन, विटामिन बी12, फोलिक एसिड और अन्य आवश्यक खनिज मिलाकर बनाया जाता है। इसी प्रक्रिया के कारण यह सामान्य चावल से थोड़ा हल्का होता है।

जिला प्रबंधक श्री वर्मा ने कहा कि इस फोर्टीफाइड चावल को धोकर अलग नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे नियमित चावल के साथ ही पकाना और खाना चाहिए। उन्होंने इसके स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके सेवन से एनीमिया जैसी बीमारियों और अन्य पोषण संबंधी कमियों से बचा जा सकता है। छात्रावास कर्मचारियों की चिंताएं दूर करते हुए उन्हें फोर्टीफाइड चावल के महत्व को समझने में मदद मिली।

