कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशन में विकासखंड नैनपुर की मेडिकल टीम ग्राम तिलई के हाईस्कूल पहुँची। वहाँ शिक्षकों एवं अभिभावकों के द्वारा जानकारी लेकर छात्र-छात्राओं का समुचित इलाज किया गया। छात्राओं को चक्कर आने पर स्थानीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ओआरएस पिलाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टर के द्वारा समझाईश दी गई कि एक छात्रा को चक्कर आता देखकर प्रायः छात्र-छात्राओं में भय हो जाता है और इस तरह अन्य छात्राओं को भी उसी तरह की समस्या होना आम बात है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहन्ती ने बताया कि स्कूल की सभी छात्रायें स्वस्थ हैं। उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं स्कूल के शिक्षकों द्वारा उन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी बंजर में उपचार हेतु भेजा गया। बम्हनीबंजर में प्राथमिक उपचार उपरांत छात्राओं को मंडला रेफर कर दिया गया था किंतु उनके माता पिता द्वारा लफरा स्थित किसी मढ़िया में झड़ाई वाले व्यक्ति के पास ले गए वहां पर मीडिया के साथियों को जब इस घटना की जानकारी लगी तो उनके द्वारा पूछने पर उन छात्रों को इस तरह की समस्या फिर शुरू हो गई।
जिला एवं विकासखंड के चिकित्सकों की टीम द्वारा छात्राओं से समस्या पूछने पर उनके द्वारा अजीब तरह का व्यवहार किया जा रहा था एवं स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पा रही थी। चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि ऐसा इस आयु समूह के छात्र-छात्राओं में प्रायः मानसिक दबाव दैनिक जीवन के दबाव या पढ़ाई के दबाव के कारण कई बार इस तरह की स्थितियां निर्मित होती है जिससे छात्राओं में घबराहट और चिंता की समस्या होने लगती है जिसे काउंसलिंग द्वारा ठीक किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर डीजे मोहंती ने अभिभावकों से अपील की है कि वह इस तरह की घटनाओं में झड़ाई कराने की बजाय स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किशोर स्वास्थ्य क्लिनिक संचालित होते हैं वहां काउंसलर द्वारा उनकी काउंसलिंग कराने अवश्य आएं। परिवार एवं पड़ोस तथा समाज में उन्हें प्यार भरा माहौल एवं उचित सलाह दें। छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अपील की गयी है कि इस आयु समूह के छात्र-छात्राओं में इस तरह की समस्या होती है, घबराएं नहीं तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें एवं इस तरह की समस्याएं काउंसलिंग के द्वारा पूरी तरह से ठीक की जा सकती हैं।
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