मंडला 13 अगस्त 2025
मण्डला जिले में गत खरीफ वर्ष 2024 में समस्त उर्वरकों का वितरण 44753 का कृषकों द्वारा उठाव/क्रय किया गया था। खरीफ 2025-26 के लिए 49100 एमटी का लक्ष्य निर्धारित है जिसमें से 44719 एमटी उपलब्ध हो गया है। उपलब्धता के आधार पर लगभग 38370 एमटी उर्वरक का कृषकों द्वारा उठाव कर लिया गया है जो निर्धारित लक्ष्य का 86 प्रतिशत है। वर्तमान में मण्डला जिले में 4 डबललॉक केन्द्र, 4 विपणन सहकारी समितियां एवं 43 प्राथमिक सहकारी समितियों (लेम्पस) की मांग के आधार पर प्रदाय किया जा रहा है।
इसी प्रकार निजी क्षेत्र में उर्वरक की आपूर्ति के लिए कुल 21 थोक विक्रेता के पास यूरिया 677.04 एमटी उपलब्ध है। जिले में लगभग 111 फुटकर विक्रेता कार्य कर रहे जिनके पास 1188.8 एमटी उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में धान 1.55 लाख हेक्टेयर में बोनी की गई है जिसमें धान का रोपा लगभग 0.60 हजार हेक्टेयर है रोपाई कार्य अंतिम चरण पर है। रोपाई से 15-20 दिन बाद यूरिया का प्रथम छिड़काव एवं द्वितीय छिड़काव 30-35 दिन बाद नैनो यूरिया के साथ स्प्रे करने की सिफारिश की गई है। कृषकों के द्वारा धान रोपाई के लिए सिंगल सुपर फास्फेट, सागरिका एवं प्रोम, जिंक सल्फेट तथा अन्य माईक्रो न्यूट्रीएंट तरल एवं जल विलय उर्वरकों का कृपकों के द्वारा उपयोग किया जाए। मण्डला जिले में प्राकृतिक खेती के लिए 50 क्लस्टर जिसमें से 6250 कृषक एवं 2500 हेक्टेयर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। कृषकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लगातार यूरिया की आपूर्ति की जा रही है।
चिरईडोंगरी रेल्वे में लगे रैक प्वाइंट से मण्डला डबललॉक केन्द्र 105.52 एमटी, बिछिया डबललॉक केन्द्र 123.07 एमटी, नैनपुर डबललॉक केन्द्र 110.25 एमटी और प्राथमिक सहकारी समितियां (लेम्पस) 205 एमटी यूरिया प्रदाय किया गया। इसी प्रकार निजी क्षेत्र विक्रेता 227.29 एमटी प्रदाय किया गया है जिससे जिले की आपूर्ति पूर्ण हो रही है। इसके अतिरिक्त इफको कम्पनी की मांग के द्वारा प्रदाय की जाने वाली रैक से लगभग 400 एमटी पूर्ति 16 अगस्त को की जावेगी। वर्तमान में लगभग 1886.42 एमटी यूरिया जिले के विभिन्न वितरण केन्द्रों में उपलब्ध है। जिले के कृषकों से आग्रह किया गया है कि उर्वरक अपनी आवश्यकता अनुसार ही लेम्पस, डबललॉक केन्द्र, निजी केंद्रों से प्राप्त करें। जिससे जरूरतमंद कृषकों को समय पर यूरिया एवं अन्य उर्वरक प्राप्त हो सकें। रबी के लिए अग्रिम भण्डारण का कार्यक्रम आ गया है जिसमें विपणन संघ हेतु 6000 एमटी यूरिया, 2000 एमटी डी.ए.पी., 1500 एमटी काम्पलेक्स एवं पोटास 200 एमटी।
इसी प्रकार समितियों के लिए रबी 4500 एमटी यूरिया, 1500 एमटी डी.ए.पी., 1150 एमटी काम्पलेक्स एवं पोटास 150 एमटी का लक्ष्य निर्धारित है। उर्वरक रबी फसल के लिए पृथक से उर्वरक उपलब्ध कराया जावेगा। वर्तमान फसल में उपयोग किये जाने वाले उर्वरक का ही उठाव करें।
