मंडला बमनी बंजर नगर परिषद में इन दिनों अधिकारी एवं कर्मचारियों की मनमानी चरम सीमा पर है नियम कानून को ताकपर रखकर अपने तरीके से जारी किया जा रहा है मृत्यु प्रमाण पत्र ऐसा ही कुछ मामला है की बमनी बंजर वार्ड क्रमांक 9 निवासी पुनीत चौरसिया की पत्नी श्रीमती पूर्णिमा चौरसिया का इलाज नागपुर में चल रहा था जहां पर उनकी मृत्यु हो गई जिनका मृत्यु प्रमाण पत्र नगर परिषद बम्हनी बंजर ने अपने कार्यालय से जारी कर दिया जो उनकी पूर्ण मनमानी को प्रदर्शित करता है *शासन के नियमों की की गई अब हेलना*
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेंद्र चंद्रोल एवं कर्मचारी हसन खान के द्वारा मिलकर शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए नागपुर महाराष्ट्र में मृत महिला का मध्य प्रदेश बम्हनी नगर परिषद से जारी कर दिया मृत्यु प्रमाण पत्र जो की पूर्णता सरासर गलत है क्योंकि शासन के नियम अनुसार जो व्यक्ति जिस क्षेत्र में खत्म होता है उसका मृत्यु प्रमाण पत्र उसी क्षेत्र के स्थानीय निकाय से जारी किया जाता है.
*आर.टी.आई के द्वारा नहीं दी जा रही है जानकारी*
नगर परिषद में कार्यरत जन्म मृत्यु पंजीयन प्रभारी हसन खान के द्वारा पूर्व में इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन पर रजिस्टर पर लाल स्याही से लिख दिया गया था कि यह जानकारी यहां से प्रदान नहीं हो पाएगी. फिर अचानक ऐसा क्या हो गया की सीएमओ सुरेंद्र चंद्रोल और हसन खान के द्वारा मिलकर मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया किसी निजी स्वार्थ में आकर उनके द्वारा ऐसा किया गया शिकायतकर्ता विनय चक्रवर्ती पूर्व कांग्रेसी पार्षद के द्वारा इस विषय को लेकर नगर परिषद में सूचना का अधिकार के तहत वांछित जानकारी प्राप्त करने के लिए लगाया गया था किंतु एक माह बीत जाने के उपरांत भी नगर परिषद आर. टी. आई. प्रभारी के द्वारा इन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी प्रदान नहीं की गई यही संशय का विषय बनता है कि आखिर नगर परिषद किन कारण से साक्ष्य को छुपा रही है एवं जानकारी प्रदान नहीं कर रही है. नगर परिषद के कर्मचारी आखिर भारत सरकार से बड़े है क्या..?जो संसद में पारित अधिनियम सूचना के अधिकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
*जिला कलेक्टर एवं थाने में की गई शिकायत*
संपूर्ण मामले की उचित कार्रवाई हेतु एवं जांच के लिए शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद विनय चक्रवर्ती के द्वारा जिला कलेक्टर मंडला एवं थाना बम्हनीबंजर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है आवेदक का कहना है कि जिस कलम में लाल स्याही चलाई जाती है वह स्वयं अपने आप में संदेह की स्थिति में आती है फिर यह सब कुछ जानते हुए भी कर्मचारी हसन खान द्वारा सभी मामलों की जानकारी रखते हुए भी किन प्रलोभन एवं राजनीतिक दबाव में आकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया इन पर फ.आई. र.दर्ज करने की मांग की गई है. पूर्व में भी इनके द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र के कई मामलों में मनमानी की गई है
*दूसरों के लिए नियमावली बताकर खुद कर रहे हैं लीपा पोती*
मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में वार्ड क्रमांक 13 मोहित नंदा का परिवार भी हशन खान के नियम कानून से मानसिक प्रताड़ित रहा है इनके द्वारा जब मोहित नंदा की मृत्यु हुई थी . वह मृत्यु वीजादांडी थाना क्षेत्रगत हुई थी.तब हसन खान द्वारा स्पष्ट रूप से यह कहकर पीड़ित परिवार को मना कर दिया गया था कि आपका प्रमाण पत्र जहां मृत्यु हुई है वहीं से बनेगा फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि जिस महिला की मृत्यु महाराष्ट्र नागपुर में हुई उसकी मृत्यु प्रमाण पत्र इन्होंने बमनी बंजर से जारी कर दिया. जबकि मृतक मोहित नंदा का पोस्टमार्टम भी बमनी बंजर में ही हुआ था. जो हशन खान की कार्यशैली को संदेहप्रद प्रकट करता है
*शिकायतकर्ता करेंगे जन आंदोलन*
शिकायतकर्ता विनय चक्रवर्ती का कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारी इन दोनों अपनी मनमानी एवं लापरवाही के लिए प्रसिद्ध है इन्हें शासन प्रशासन का किसी प्रकार का भय नहीं है यदि मेरी शिकायत पर किसी भी प्रकार की उचित कार्यवाही नहीं होती या मुझे न्याय प्रदान नहीं किया जाता तो मेरे द्वारा जन आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा
