मंडला 25 सितंबर 2025
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मंडला की 112वीं वार्षिक साधारण आमसभा संपन्न हुई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सहकारी समितियों का प्राथमिक लक्ष्य, जमाकर्ताओं तथा अपने सदस्यों का समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास करना है। किसानों, कारीगरों तथा अन्य स्टेक होल्डर्स को बेहतर बैंकिंग सेवाएं देते हुए उनकी आर्थिक मजबूती के लिए काम करना हमारा ध्येय होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि समितियों से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी अपने दायित्वों का बेहतर निवर्हन करें। उन्होंने कहा कि किसानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में सहकारिता का महत्वपूर्ण योगदान है। समितियों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विभिन्न शासकीय योजनाओं में लक्ष्य के अनुसार पात्र हितग्राहियों को समय पर किसान क्रेडिट कार्ड एवं विभागीय ऋण वितरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बताया कि शाखा एवं समिति के कर्मचारियों की ऑनलाईन ट्रेनिंग भी कराई जाएगी।

कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं संबंधी मेले का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष के दौरान ऋण वितरण, वसूली एवं अमानत संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाखा एवं समिति के कर्मचारियों को पुरूष्कृत किया गया। बैठक में सहायक आयुक्त सहकारिता, महाप्रबंधक एनके कोरी, डीडीएम नाबार्ड श्री देववृत पाल सहित विभिन्न समितियों से पधारे हुये बैंक प्रतिनिधि, समिति प्रबंधक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

परिसर में आयोजित किया गया सहकारिता मेला
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मंडला के परिसर में सहकारी समितियों के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं के संबंध में मेले का आयोजन किया गया। इसमें सहकारी समितियों द्वारा संचालित जन औषधि केन्द्रों का स्टॉल लगाकर सस्ती दवाईयों का प्रदर्शन किया गया। जिला सहकारी वनोपज संघ, पश्चिम उत्पादन वनधन केन्द्र द्वारा उत्पादों का प्रदर्शन कर जानकारी दी गई। तुलसी किसान उत्पादक समिति द्वारा ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किया गया। मत्स्य विभाग की मछुआ सहकारी समितियों को मत्स्य आहार, मत्स्य बीज आदि की जानकारियों से अवगत कराने के लिए स्टॉल लगाया गया। सांची दुग्ध संघ मंडला द्वारा छाछ, घी, पेड़ा व अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। हथकरघा, बुनकर समितियों द्वारा हांथ से बनी हुई वस्तुओं का स्टॉल लगाया गया। इसके अलावा इफको द्वारा नैनो यूरिया, डीएपी, जिंक सहित अन्य उत्पादों का स्टॉल लगाया गया।

