राष्ट्रीय पोषण माह के कार्यक्रम में परियोजना नैनपुर के आंगनवाड़ी केंद्रों में जीवन के प्रथम 1000 दिवस और मस्तिष्क के विकास पर पिता एवं पुरुषों में जागरूकता के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में जीवन के प्रथम 1000 दिवस (गर्भधारण से लेकर 2 वर्ष तक की आयु) जिसे जीवन की नींव कहा जाता है शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं भावात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है के विषय में जानकारी दी गई। गर्भावस्था के 9 माह में स्वास्थ्य, पोषण, देखभाल की जानकारी के साथ जन्म से बच्चे का 6 माह तक केवल स्तनपान, 6 माह बाद ऊपरी आहार के साथ स्तनपान, टीकाकरण और समुचित देखभाल के महत्व को समझाया गया। 2 वर्ष की आयु तक 80% मस्तिष्क का विकास हो जाने के कारण इस आयु में पोषण देखभाल के महत्व को बताया गया।

बच्चे के समुचित विकास के लिए माता, पिता, परिवार के साथ-साथ आंगनवाड़ी की पोषण शिक्षा (पोषण भी पढ़ाई भी) की अहम भूमिका के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही पुरुषों के नेतृत्व में पोषण शपथ दिलाते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

