मंडला, 3 नवंबर 2025
13 दिसम्बर 2025 को आयोजित होने वाली लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला श्री कमल जोशी द्वारा तहसील भुआ-बिछिया का दौरा कर अधिवक्तागणों एवं पक्षकारगणों की बैठक ली गई। उन्होंने कहा कि आगामी नेशनल लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित कर उन्हें निराकृत करने हेतु प्रोत्साहित करते हुए लोक अदालत में निराकृत होने वाले मामलों में सुलह समझौते के लिये पक्षकारों को प्रेरित करें।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जोशी द्वारा उपस्थित पक्षकारगणों को मध्यस्थता की कार्यवाही एवं मध्यस्थता के लाभ से भी अवगत कराते हुए कहा कि मध्यस्थता का लाभ, विवादों का अविलम्ब एवं शीघ्र समाधान, समय तथा खर्चों की किफायत, न्यायालयीन प्रक्रिया से राहत, अत्यधिक सरल व सुविधाजनक प्रक्रिया, विवाद का हमेशा के लिये प्रभावी व सर्वमान्य समाधान में पक्षों की सहमति, सामाजिक सद्भाव कायम रखने में सहायक है। उन्होंने न्यायालयों के राजीनामा योग्य अधिक से अधिक प्रकरणों को मीडिएशन के माध्यम से भी निपटाये जाने हेतु प्रोत्साहित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डला सचिव श्री तपन धारगा के द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संचालित योजना निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति की वार्षिक आय 2 लाख रूपये से कम है एवं सभी महिला एवं बच्चे निःशुल्क विधिक सहायता लेने के हकदार है, पक्षकारगण जो अधिवक्ताओं की फीस दिये जाने में सक्षम नहीं है, उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता दिया जाता है। जेल में निरूद्ध ऐसे बंदी जिनके प्रकरण में कोई अधिवक्ता नहीं होने से वह लंबे समय से जेल में निरूद्ध है, उन्हें भी निःशुल्क विधिक सहायता दी जाकर रिहा कराया जा सकता है।
बैठक में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड तहसील भुआ-बिछिया श्रीमती मीनल गजबीर एवं अध्यक्ष तहसील अधिवक्ता संघ, श्री विजय चौरसिया, अधिवक्ता श्री जे.पी.एन. मिश्रा, अधिवक्ता श्री संदीप पटैल, अधिवक्ता श्री पीयूष पाण्डे, अधिवक्ता श्री योगेश तेकाम, अधिवक्ता श्री रामकुमार यादव, अधिवक्ता श्री बलराम शर्मा सहित अन्य अधिवक्तागण एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे।
