मंडला, 1 जनवरी 2026
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में जिले में सड़क सुरक्षा मुद्दों से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सर्किट हाऊस में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करना था। बैठक में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा, एडिशनल एसपी श्री शिवकुमार वर्मा, एसडीएम श्रीमती सोनल सिडाम, एनएचएआई, एमपीआरडीसी सहित यातायात विभाग से संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने कहा कि जीवन अमूल्य है और उसे सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्तमान में सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है, जिसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास करने होंगे।

हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत बनाएं
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दो-पहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, नशे में वाहन चलाने, ओवर स्पीड और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण ओवर स्पीड, गलत ड्राइविंग, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करना हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने निर्देश दिए कि जिला, तहसील, विकासखंड एवं ग्राम स्तर के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं, अन्यथा परिसर में प्रवेश न दिया जाए, स्कूल एवं कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाए, पेट्रोल पंप संचालक बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल न दें, दो-पहिया वाहन विक्रेता वाहन बिक्री के समय हेलमेट अनिवार्य रूप से प्रदान करें।
बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले में चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी दी तथा वहां किए जा रहे सुधार कार्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार पुलिस, परिवहन एवं यातायात विभाग के द्वारा वाहनों की फिटनेस, बीमा एवं ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच की जा रही है। साथ ही ओवरलोडिंग वाहन, सड़क पर अवैध पार्किंग और नशे में वाहन चलाने पर नियमित चालानी कार्यवाही की जा रही है।

न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने मीडिया, प्रशासन और आम नागरिकों से अपील की कि रैली, अभियान और शिक्षा के माध्यम से सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और हर नागरिक सुरक्षित यातायात संस्कृति अपनाएं।
