मंडला, 4 फरवरी 2026
कहते हैं कि हौसला मजबूत हो तो हालात भी रास्ता दे देते हैं। ऐसी ही प्रेरक मिसाल बने हैं श्री दिनेश कुमार मसराम, जिन्होंने सीमित संसाधनों और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों के बावजूद हार नहीं मानी और अपने सपनों को नई उड़ान दी। आज दिनेश की पहचान जिले के एक सफल युवा उद्यमी के रूप में बन चुकी है, जो न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
दिनेश ने शिक्षा पूर्ण करने के बाद टेंट हाउस व्यवसाय को छोटे स्तर पर शुरू किया था। शुरुआती समय में काम तो चल निकला, लेकिन व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और सही मार्गदर्शन की जरूरत थी। यह वह मोड़ था, जहाँ उनकी जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बनी मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना।
दिनेश बताते हैं कि जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित जागरूकता शिविर में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। योजना की सुविधाओं और स्वरोजगार के अवसरों को समझते ही उन्होंने ठान लिया कि अब अपने व्यवसाय को नई दिशा देनी है। उन्होंने योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया। प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही, परिणामस्वरूप उनका आवेदन जल्द ही स्वीकृत हुआ और उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
इस वित्तीय सहयोग से दिनेश ने अपने टेंट हाउस व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से विकसित किया। उन्होंने आवश्यक सामग्री, संसाधन और सेवाओं में सुधार किया, जिससे उनके व्यवसाय की पहचान और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया। आज दिनेश का टेंट हाउस व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और मेरी वार्षिक आय 30 से 40 हजार रूपए है। सबसे खास बात यह है कि दिनेश अब केवल अपना रोजगार नहीं चला रहे, बल्कि अन्य युवाओं को भी रोजगार के अवसर दे रहे हैं।
श्री दिनेश कुमार मसराम कहते हैं यह योजना मेरे जीवन में बदलाव लेकर आई। आज मैं न केवल आत्मनिर्भर हूँ, बल्कि दूसरों को रोजगार देने में सक्षम भी हूँ। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस योजना के लिए हृदय से धन्यवाद करता हूँ।
दिनेश की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर, सही मार्गदर्शन और मेहनत मिल जाए तो कोई भी युवा अपने सपनों को वास्तविकता में बदल सकता है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना मध्यप्रदेश के युवाओं को स्व-रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का एक मजबूत मंच दे रही है, जो न सिर्फ आर्थिक सहयोग करती है, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नई पहचान भी प्रदान करती है।
