मंडला, 19 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार की पहल के तहत पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए ‘गोरस मोबाइल ऐप’ लॉन्च किया गया है। यह ऐप पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इस ऐप के नियमित उपयोग से पशु अधिक स्वस्थ रहेंगे, दूध उत्पादन में वृद्धि होगी और पशुपालकों की आय में सुधार आएगा।
गोरस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करना आसान है। पशुपालक इसमें अपने पशुओं की जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिसमें नस्ल, वजन, दूध उत्पादन और गर्भावस्था जैसी जानकारी शामिल है।
ऐप से संतुलित आहार की सटीक जानकारी, दूध उत्पादन बढ़ाने के सुझाव एवं संभावित आर्थिक लाभ का अनुमान की मिलेंगी सुविधाएं। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को नई दिशा मिलेगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में इस तरह की तकनीकी योजनाएं किसानों और पशुपालकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।

गोरस मोबाइल ऐप से पशुपालन में डिजिटल क्रांति, अब मोबाइल बताएगा सही आहार
मध्यप्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विकसित “गोरस मोबाइल ऐप” पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात बनकर सामने आया है। यह ऐप पशुओं के संतुलित आहार, स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा। यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

क्या है गोरस ऐप ?
“गोरस मोबाइल ऐप” एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां पशुपालक अपने पशु (गाय/भैंस) की जानकारी दर्ज करके सही आहार और देखभाल की सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
ऐप की मुख्य विशेषताएं
पूरी तरह हिंदी भाषा में उपलब्ध, इंटरनेट के बिना भी काम करने की सुविधा, 28 से अधिक प्रकार के चारे की जानकारी, मौसम और गर्भावस्था के अनुसार आहार सुझाव, गिर, साहीवाल, मुर्रा आदि नस्लों के लिए अलग मार्गदर्शन, नस्ल सुधार और उत्पादन बढ़ाने के सुझाव प्राप्त कर सकते हैं।
इस ऐप के जरिए पशुओं को सही पोषण मिलेगा, दूध उत्पादन में वृद्धि होगी, पशुपालकों की आय बढ़ेगी, कम लागत में अधिक उत्पादन संभव होगा।

कैसे करें डाउनलोड ?
गूगल प्ले स्टोर खोलें, “गोरस ऐप” सर्च करें और डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।
क्यों जरूरी था यह ऐप ?
प्रदेश में बड़ी संख्या में पशुपालक अभी भी पारंपरिक तरीके से पशु आहार देते हैं, जिससे दूध उत्पादन में कमी आती है। इस समस्या के समाधान के लिए यह ऐप तैयार किया गया है। कुल मिलाकर, “गोरस मोबाइल ऐप” पशुपालकों के लिए एक डिजिटल गाइड की तरह है, जो उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़कर बेहतर उत्पादन और आय की दिशा में मदद करेगा।
