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विश्व मलेरिया दिवस की एडवाइजरी

मंडला, 24 अप्रैल 2026

वर्तमान में पूरे विश्व में लगभग 106 देशों की जनसंख्या में लगभग 3.3 अरब जनसंख्या मलेरिया प्रभावित है। मलेरिया रोग के नियंत्रण, उन्मूलन एवं जन जागरुकता के लिए वैश्विक स्तर पर विश्व मलेरिया दिवस मनाने की शुरुआत 25 अप्रैल 2007 से की गई है। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को ’’विश्व मलेरिया दिवस’’ के रुप में मनाया जाता है। इसमें आवश्यक है कि हम मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी को लेकर जागरुक रहें। इस वर्ष का विश्व मलेरिया दिवस की थीम “Driven to End Malaria Now We Can, Now We Must,” (“मलेरिया समाप्ति के लिए संकल्पित अब हम कर सकते है। अब हमें करना ही होगा।”) है। जागरुकता एवं जनसमुदाय की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से इस बीमारी पर विजय पाया जा सकता है। मलेरिया एक परजीवी के कारण होता है। भारत में मुख्यतः दो प्रकार के पाये जाते हैं- प्लाज्मोडियम वाइवेक्स एवं प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम, जिसे मस्तिष्क ज्वर मलेरिया परजीवी के नाम से भी जाना जाता है, जो सर्वाधिक खतरनाक होता है।

 

मलेरिया कैसे फैलता है

 

संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है, जो साफ पानी में पनपता है। ये मच्छर गंदे पानी में नहीं पनपते। किसी भी अन्य मच्छर के काटने से मलेरिया नहीं फैलता। गंदी हवा, गंदा पानी, से मलेरिया नहीं फैलता है।

 

मलेरिया के लक्षण

 

कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। कपकपी के साथ तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक-रुककर बुखार आना पसीना आकर बुखार उतरना, ठंड गर्मी या तपन का महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हैं।

 

बुखार आने पर क्या करें

 

बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खून की जांच कराएं एवं मलेरिया पॉजिटिव पाये जाने पर पूर्ण उपचार लें। खाली पेट दवा का सेवन कदापि नहीं करना चाहिये। मलेरिया की जांच व उपचार सभी शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम, एमपीडब्ल्यू, सी.एच.ओ., आशा के पास निःशुल्क उपलब्ध है। बुखार आने पर तत्काल इनसे संपर्क कर खून की जांच व उपचार लिया जा सकता है।

 

मलेरिया फैलाने वाले मच्छर कहां पैदा होते हैं

 

मलेरिया फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। छत पर खुली टंकियां, खाली बर्तन, मटके, गमले, टायर, कूलर, फ्रिज के पीछे भरा पानी, गार्डन, फूलदान, पात्रों में एक सप्ताह से अधिक भरे साफ पानी में मच्छर अंडे देते हैं। जिससे 7-10 दिन में वयस्क मच्छर बनता है। मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने के लिए भरे हुए पानी को हर 3-4 दिन में बदलना चाहिए। पानी संग्रहण करने वाली टंकी, बाल्टी एवं अन्य, पानी से भरे हुए बर्तन को ढक्कर रखना चाहिए। वॉशबेसिन, बाथरुम में पानी निकासी के स्थान में मच्छररोधी जाली लगवाना चाहिए।

जिले में जनवरी 2026 से लेकर आज दिनांक तक कुल 31195 रोगियों की जांच की गई, जिसमें मलेरिया के कोई लोकल केस नहीं है। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। अतः बुखार आने पर तत्काल खून की जांच करावें और अगर जांच में मलेरिया पॉजिटिव निकलता है तो चिकित्सक, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा द्वारा दिये गये पूर्ण उपचार लेवें। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आमजन, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि और मीडिया को यह संदेश है कि जनसमुदाय की सक्रिय सहभागिता, स्वच्छता ही मलेरिया नियंत्रण की कुंजी है।

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