मंडला, 21 मई 2026
नगर पालिका परिषद मंडला के सभागार में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं भारतीय तम्बाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगर पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री गजानंद नाफड़े द्वारा की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. रानी मरावी, डीपीसी श्री अर्जुन सिंह, श्रीमती आशु मरावी सहित नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान एमपीवीएचए के संभागीय समन्वयक श्री रोहित पालीवाल ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं भारतीय तम्बाकू नियंत्रण कानून की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष लगभग 13 से 14 लाख लोगों की मृत्यु तम्बाकू उत्पादों के सेवन के कारण होती है। उन्होंने सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (कोटपा-2003) की विभिन्न धाराओं की जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषिद्ध है तथा उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि तम्बाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार, विज्ञापन, प्रायोजन एवं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन पर प्रतिबंध है। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की परिधि में तम्बाकू उत्पादों का विक्रय नहीं किया जा सकता। साथ ही तम्बाकू उत्पादों पर चित्रमय स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा राज्य में हुक्का बार संचालन एवं इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. रानी मरावी ने जानकारी दी कि जिला चिकित्सालय स्थित तम्बाकू परामर्श केंद्र (टीसीसी) में तम्बाकू सेवन छोड़ने के इच्छुक लोगों को निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रशिक्षण के अंत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री नाफड़े द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तम्बाकू नियंत्रण कानून की धाराओं का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
