मण्डला। मां नर्मदा तट स्थित माहिष्मति घाट में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम धुन संकीर्तन का बुधवार को श्रृद्धा भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में जिले भर से बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान श्रीराम के नाम का सामूहिक जाप किया। समापन अवसर पर विधि-विधान से भगवान श्रीराम दरबार, भगवान भोलेनाथ एवं बांके बिहारी लाल का पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद भजन, कीर्तन और रामधुन के बीच श्रृद्धालुओं ने श्रीराम नाम का स्मरण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे सात दिनों तक माहिष्मति घाट राममय वातावरण में डूबा रहा जहां सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। आयोजन फट्टी वाले बाबा के शिष्य अंजनिया वाले गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में श्रीराम नाम का जाप विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इसी उद्देश्य से सात दिवसीय रामधुन का आयोजन किया गया जिसमें श्रृद्धालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कांसकार ने बताया कि श्रीराम धुन के माध्यम से समाज में धार्मिक जागृति संस्कारों का संरक्षण और भगवान के नाम के प्रति आस्था को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों, सहयोगकर्ताओं, सेवादारों एवं श्रृद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक रूप से जोडऩे का प्रयास जारी रहेगा। रामधुन समापन पर हवन पूजन पाठ के साथ संत समाज का शॉल श्रीफल से सम्मान करते हुए भंडारा का आयोजन किया गया जहां पर भक्तों ने रामभोग का आनंद लिया। कार्यक्रम में पधारे संत महात्माओं का आभार सामाजिक कार्यकर्ता नीरज अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेश कछवाहा ने मंच का संचालन कर कार्यक्रम को गति दी।

