मंडला, 11 जून 2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा जिलेभर में योग संबंधी गतिविधियों एवं अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में सभी आयुष आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन योग प्रोटोकॉल का नियमित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1 जून से कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, जिला पंचायत सीईओ श्री शाश्वत सिंह मीना, सहायक कलेक्टर श्री शैलेन्द्र चौधरी सहित अन्य जिला अधिकारी माहिष्मती घाट मंदिर परिसर में नियमित योग अभ्यास कर रहे हैं।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री अहाके ने बताया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। योग दिवस के पूर्व जिले में विभिन्न योगासनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, भुजंगासन, गोमुखासन, वज्रासन, मकरासन, धनुरासन, नौकासन, सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने योग के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। योग दिवस के अवसर पर 14 जून को काउंटडाउन कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भागीदारी करने और अपने परिवार एवं परिचितों को भी योग से जोड़ने की अपील की गई है।

योग के लाभ बताते हुए जिला आयुष अधिकारी ने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग तनाव को कम करने, शरीर को स्वस्थ रखने तथा सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से ‘‘घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग’’ के संदेश के साथ जिलेभर में योग जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आयुष विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए समय निकालें और स्वस्थ एवं निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

त्रिकोणासन
त्रिकोणासन एक महत्वपूर्ण योगासन है जो शरीर को लचीला बनाता है तथा कमर, पैरों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।
करने की विधि
- सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच लगभग 3-4 फीट की दूरी रखें।
- दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएं।
- दायां पैर दाईं ओर मोड़ें।
- श्वास छोड़ते हुए शरीर को दाईं ओर झुकाएं और दाएं हाथ से दाएं पैर या टखने को स्पर्श करें।
- बायां हाथ ऊपर की ओर सीधा रखें तथा दृष्टि ऊपर वाले हाथ की उंगलियों पर रखें।
- सामान्य श्वास लेते हुए 15-30 सेकंड तक स्थिति बनाए रखें।
- धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी दोहराएं।

लाभ
कमर और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
जांघों, घुटनों और टखनों को मजबूत करता है।
पाचन क्रिया में सुधार करता है।
पेट और कमर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक।
शरीर का संतुलन और एकाग्रता बढ़ाता है।
तनाव और थकान कम करने में मदद करता है।
सावधानियाँ
चक्कर आने, अत्यधिक लो ब्लड प्रेशर या गंभीर कमर दर्द की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह से करें, रीढ़ या गर्दन की गंभीर समस्या होने पर सावधानी बरतें, झटके से न झुकें और अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें, योग का अभ्यास खाली पेट या भोजन के 3-4 घंटे बाद करना चाहिए।

