मंडला, 16 जून 2026
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार 16 जून से जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की चहल-पहल और रौनक लौट आई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “आओ मिलकर उत्सव मनाएं, बच्चों को आंगनवाड़ी लाएं” संदेश के साथ जिलेभर में आंगनवाड़ी प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा एवं पोषण के प्रति रुचि विकसित करना तथा अभिभावकों को आंगनवाड़ी सेवाओं से जोड़ना रहा।
प्रवेश उत्सव के दौरान 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रों को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिससे बच्चों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को केंद्र के वातावरण से परिचित कराने के लिए ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) के अंतर्गत विभिन्न खेल आधारित एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में अभिभावक भी शामिल हुए। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास में आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। अभिभावकों को ‘पढ़ाई भी, पोषण भी’ अभियान के बारे में जागरूक करते हुए बताया गया कि प्रारंभिक शिक्षा और संतुलित पोषण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
प्रवेश उत्सव के दौरान विभाग द्वारा संचालित अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी के लिए वजन अभियान, गोद भराई, अन्नप्राशन एवं सुपोषण दिवस जैसे कार्यक्रम तथा गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए संचालित एकीकृत कुपोषण प्रबंधन (आईएमएएम) कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
प्रवेश उत्सव ने बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ अभिभावकों को भी आंगनवाड़ी केंद्रों से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र विकास के लिए समुदाय की सहभागिता का संदेश दिया गया।
