मण्डला 21 जून 2021
चिरईडोंगरी नैनपुर निवासी सत्येन्द्र को सामाजिक न्याय विभाग की ओर से कृत्रिम पैर (केलीपर्स) की सहायता मिली है। सामाजिक न्याय विभाग निश्चित रूप से निःशक्तजनों के कल्याण एवं उनकी बेहतरी के लिए कार्य रहा है। 22 वर्षीय सत्येन्द्र कछवाहा एक दुर्घटना के कारण अपंगता के शिकार हो गए थे। सत्येन्द्र 2013 के बाद से ही चलने-फिरने में सामान्य नहीं थे। बीएससी कर चुके सत्येन्द्र अपनी अच्छी शिक्षा के बावजूद भी सामान्य रूप से चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण शारीरिक एवं मानसिक रूप से परेशान रहे हैं। 21 जून को उन्हें सामाजिक न्याय विभाग की ओर से कृत्रिम पैर की सहायता दी गई। सत्येन्द्र इस सहायता से अभिभूत होकर कहते हैं कि मैं अब पुनः सामान्य रूप से चलने में सक्षम हो गया हूं। मैं इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।
सत्येन्द्र कहते हैं कि दिव्यांगता के कारण मुझे जीवन में अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ा। मैं 2013 के पहले तक सामान्य रूप से स्वस्थ था किन्तु 2013 के बाद दुर्घटना के कारण मैं शारीरिक रूप से दिव्यांग हो गया। इस शारीरिक परेशानी के साथ-साथ मैं मानसिक रूप से भी लगातार परेशानी में रहा। सामाजिक न्याय विभाग के द्वारा मुझे दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित जरूरी उपकरणों के लिए समय-समय पर सहयोग मिलता रहा। आज मिली इस सौगात से मैं अभिभूत हूं। अब मैं सामान्य लोगों की तरह काम कर सकता हूं। मैं किसी पर निर्भर नहीं हूं, अपना काम खुद कर सकता हूं।
सत्येन्द्र सतना में रहकर कृषि विषय के साथ पढ़ाई करते हैं और पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहते हैं। शासन के द्वारा मिली यह मदद सत्येन्द्र को निश्चित रूप से आगे बढ़ने का हौसला देगी और सत्येन्द्र को सामान्य व्यक्तियों की तरह महसूस कराकर एक नया आत्मविश्वास देगी। सत्येन्द्र सामाजिक न्याय विभाग को धन्यवाद करते हुए कहते हैं कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए यह विभाग हमेशा तत्पर रहता है। मुझे कृत्रिम पैर की सहायता एवं जानकारी के लिए किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। मैं विभाग के अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
