मंडला, 8 अक्टूबर 2025
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा और मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति एमसीपीसी के निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई से 7 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता नामक एक विशेष अखिल भारतीय अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य राज्य भर में तालुका न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालयों तक न्यायपालिका के सभी स्तरों पर मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों का निपटारा करना था।
अभियान के दौरान मध्यस्थता के माध्यम से कुल 4,552 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। निपटाए गए मामलों में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चैक बाउंस मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और अन्य संबंधित दीवानी मामले शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान नालसा और सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति एमसीपीसी द्वारा 1 जुलाई 2025 से शुरू होने वाला एक राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय अभियान है। इसका उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाना और लागत, कुशल तथा समय, बचत विवाद समाधान तंत्र के रूप में इसकी प्रभावशीलता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान तालुका से लेकर उच्च न्यायालयों तक सभी न्यायालय स्तरों पर लागू किया जा रहा है और वैवाहिक, दुर्घटना, दीवानी, फौजदारी और उपभोक्ता विवादों जैसी पात्र श्रेणियों को कवर करता है, जिसमें भागीदारी के ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड तरीके उपलब्ध हैं।
