मंडला, 12 दिसंबर 2025
कृषि विज्ञान केन्द्र मण्डला में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दीपाली बाजपेयी के मार्गदर्शन में विषय कुपोषण से बचाव के लिए पोषक वाटिका के महत्व पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक आंगनवाड़ी में पोषण वाटिका की स्थापना को बढ़ावा देना हैं जिससे कुपोषण को दूर किया जा सके। कार्यशाला में जिले की महिला एवं बाल विकास विभाग के मण्डला परियोजना क्षेत्र से कुल 30 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस कार्यशाला में केन्द्र की खाद्य वैज्ञानिक श्रीमती केतकी धुमकेती द्वारा कुपोषण के कारण एवं घरेलू स्तर पर इसका समाधान पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही इन्होंने पोषक वाटिक की महत्ता एवं घर के आस-पास खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग करने के लिए पोषक वाटिका की स्थापना एवं प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. आर.पी अहिरवार द्वारा प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों के तहत पोषक वाटिका के लिए पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी गई जिससे रसायन मुक्त सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। डॉ. के.के. राणा द्वारा सब्जियों में लगने वाले रोग एवं कीटों से बचाव के लिए जैविक प्रबंधन बताये गये। प्रतिभागियों को पोषक वाटिका लगाने के लिए व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को फल एवं सब्जी का पौध वितरण किया गया जिससे केन्द्रों में पोषक वाटिका की पहल की जा सके। आजीविका मिशन से श्री संगीता अग्रवाल द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रो ट्रे द्वारा पौध उत्पादन की जानकारी दी गई।

