मंडला, 26 अक्टूबर 2026
जिले के नैनपुर विकासखंड के ग्राम मक्के की श्रीमती मधु जंघेला ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह अपनाई। कभी परिवार की सीमाओं के कारण घर से बाहर निकलने में कठिनाई का सामना करने वाली मधु आज सिलाई कार्य के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
श्रीमती मधु जंघेला 12वीं पास हैं और सूरजमुखी महिला आजीविका स्व-सहायता समूह की सचिव होने के साथ खुशबू महिला आजीविका ग्राम संगठन की भी सचिव हैं। वर्ष 2013 में आजीविका मिशन की टीम के प्रयासों से वे समूह से जुड़ीं। शुरुआत में परिवार की अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी हुई, लेकिन समूह की महिलाओं के निरंतर प्रयास और समझाइश से परिवार ने उन्हें समूह से जुड़ने की अनुमति दी।
समूह से जुड़ने के बाद मधु ने सिलाई कार्य शुरू करने के लिए 15 हजार रुपये का ऋण लिया। इसके बाद 20 हजार रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान की गतिविधि भी शुरू की। समूह से उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ नेतृत्व, समूह संचालन और अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण भी मिला।
आज मधु अपने पति के साथ सिलाई कार्य कर रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की मासिक आय 6 हजार 500 रुपये थी, जो अब बढ़कर 18 हजार रुपये हो गई है। बढ़ी हुई आय से वे अपने बच्चों को शहर में पढ़ा पा रही हैं और परिवार को बेहतर रहन-सहन उपलब्ध करा रही हैं।
समूह से जुड़ने के बाद मधु को सामाजिक पहचान भी मिली है। अब लोग उनसे सलाह लेते हैं और उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल करते हैं। महिलाओं की एकजुटता से ग्राम विकास के कार्यों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
मधु जंघेला की सफलता यह दर्शाती है कि स्व-सहायता समूह और आजीविका मिशन से मिलने वाला सहयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी दिला सकता है।
