मण्डला 5 नवम्बर 2020
कलादीर्घा के उन्नयन के संबंध मंे आयोजित बैठक में कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि मंडला एवं कान्हा में संचालित कलादीर्घा के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाए। कलादीर्घा को ब्रांड मंडला के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाए। कलेक्ट्रेट के गोलमेज सभाकक्ष में संपन्न हुई इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत तन्वी हुड्डा, ईई पीडब्ल्यूडी जीपी पटले, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विजय तेकाम, प्रबंधक कलादीर्घा सुधीर कांसकार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में कलादीर्घा के विकास एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने संबंधी पूर्व वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि कलादीर्घा को लोकल क्रॉफ्ट-ड्रॉफ्ट के हब के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाए। कलादीर्घा से विक्रय किए जाने वाले सामग्रियों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उत्पादों के साथ उत्पाद के संबंध में विस्तृत जानकारी भी रखी जाए। उपलब्ध सामग्रियों की बिक्री को बढ़ाने के लिए ऑनलाईन मार्केटिंग कंपनियों से संपर्क किया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता एवं उसकी कीमत से संबंधित जानकारियों का ब्रोशर जिले के रिसॉर्ट में उपलब्ध करायें। जिले के उत्पादों की सूची तैयार करें। कलादीर्घा एवं वहां पर विक्रय किए जाने वाले उत्पादों से संबंधित जानकारी जिला प्रशासन की वेबसाईट पर भी डाली जाए। उन्होंने कोदो-कुटकी के उत्पादों को भी प्रमोट करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कलादीर्घा से जनसामान्य को जोड़ने के लिए थीम आधारित गतिविधियाँ भी संचालित की जाए। साथ ही जिले की संस्कृति एवं ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी पुस्तकें भी कलादीर्घा में रखी जाएं। उन्होंने कलादीर्घा के भवन का रख-रखाव के संबंध में ईई पीडब्ल्यूडी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
