मण्डला 23 दिसम्बर 2020
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने घुघरी एवं मोहगांव विकासखंड में चल रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार के लिए आय के स्त्रोत विकसित किए जाएं। भ्रमण के दौरान उन्होंने रोजगारमूलक कार्य, भूमि सुधार, ग्रामीण आजीविका परियोजना द्वारा किए जा रहे कार्य, खरीदी केन्द्र तथा हायर सेकण्डरी स्कूल का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
घुघरी विकासखंड के डोंगरमंडला में मनरेगा के तहत् किए जा रहे रोजगारमूलक कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने अधिक से अधिक श्रमिकों को नियोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन श्रमिकों के 100 दिन पूरे हो गए हैं उनको कौशल विकास संबंधी प्रशिक्षण दिलाया जाए। बालसिंह की जमीन पर किए जा रहे मेढ़बंधान तथा भूमिसुधार कार्य का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने कृषि तथा उद्यानिकी विभाग से तकनीकि सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने हितग्राही से बैंक से भुगतान के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि मस्टर रोल ऑनलाईन भरा जाए। डोंगरमंडला के सामुदायिक स्वच्छता परिसर का स्व-सहायता समूह से संचालन कराएं।
मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करें
डोंगरमंडला में स्व-सहायता समूह की सदस्य पार्वती मरावी द्वारा किए जा रहे मशरूम उत्पादन तथा पोषण वाटिका का अवलोकन करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने अन्य महिलाओं को भी ऐसे कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने ग्रामीण आजीविका परियोजना के प्रबंधक को स्व-सहायता समूह के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व-सहायता समूह की सदस्यों से ऋण राशि तथा बचत के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि मधुमक्खी पालन के लिए स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जाए। मधुमक्खी पालन से स्व-सहायता समूह आर्थिक रूप से समर्थ बनेंगे। डोंगरमंडला में उन्होंने नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत् किए गए कार्यों की भी जानकारी ली।
महानगरों में भी बिकेंगे कोदो-कुटकी के उत्पाद
ग्राम बनिया में ग्रामीणों द्वारा कोदो कुटकी की खेती किए जाने बताए जाने पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने उनकी उपज एवं विक्रय के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बीज की उपलब्धता तथा सिंचाई की सुविधा के संबंध में भी ग्रामीणों से चर्चा की। कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि वे कोदो कुटकी का उत्पादन व्यवसायिक स्तर पर करें। महानगरों में कोदो कुटकी के उत्पादों की पर्याप्त मांग है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बनिया ग्राम में कोदो कुटकी के लिए प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बनिया के मुकद्दम टोला के कुकर्रा नाला पर पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
जहां समस्या है वहां पहले काम करें
घुघरी विकासखंड के बर्राटोला बनिया में पेयजल की समस्या बताए जाने पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याग्रस्त ग्रामों को जल जीवन मिशन में प्राथमिकता से सम्मिलित किया जाए। प्रत्येक ग्राम-टोला तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्राथमिकता तय करें जहां समस्या है वहां पहले काम प्रारंभ करें।
शिविर लगाकर वितरित करें पात्रता पर्ची
ग्राम बनिया में ग्रामीणों द्वारा पात्रता पर्ची नहीं मिलने तथा पुरानी पर्ची पर खाद्यान्न नहीं मिलने संबंधी जानकारी दी जाने पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने संबंधित अधिकारियों को ग्राम में शिविर आयोजित कर पात्रता पर्ची वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे हितग्राही जिन्हें पूर्व में पात्रता पर्ची से खाद्यान्न मिलता था किन्तु अब नहीं मिल रहा है उन्हें भी नियमानुसार पात्रता पर्ची प्रदान की जाए। कलेक्टर ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य, बिजली, जॉबकार्ड, स्कूल, आंगनवाड़ी, पोषण वितरण तथा आयुष्मान कार्ड आदि के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियांे को घर-घर सर्वे के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।
बैंकों में चस्पा करें चैकलिस्ट
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बैंक से ऋण तथा अन्य लेनदेन में होने वाली परेशानियों की जानकारी दी जाने पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि अग्रणी बैंक प्रबंधक स्व-सहायता समूहों से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चैकलिस्ट बनाकर बैंकर्स को उपलब्ध कराएंगे जो सभी बैंकों की प्रत्येक शाखाओं में चस्पा की जाएगी। ग्रामीण आजीविका परियोजना का मैदानी अमला स्व-सहायता समूहों को चैकलिस्ट के अनुसार दस्तावेजीकरण में सहयोग प्रदान करेंगे।
महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी हिरना बाई
भ्रमण के दौरान स्कूल टोला बनिया निवासी हिरना बाई ने कलेक्टर हर्षिका सिंह से अपने समूह द्वारा किए गए कार्यों का अवलोकन करने का निवेदन किया। कलेक्टर ने सहजता से आमंत्रण स्वीकार कर हिरना बाई द्वारा किए जा रहे उद्यानिकी फसल, मशरूम उत्पादन तथा किराना दुकान का अवलोकन किया। हिरना बाई ने बताया कि वह यमुना स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई है। ग्रामीण आजीविका परियोजना के अधिकारियों द्वारा समझाईश दिए जाने पर उसने घर से लगी हुई स्वयं की जमीन में सब्जी का उत्पादन प्रारंभ किया जिसमें उसे अच्छा लाभ हुआ। आय को बढ़ाने की दृष्टि से उसने मशरूम उत्पादन प्रारंभ किया। साथ ही अपने घर में किराने की दुकान खोल ली। इन गतिविधियांे से उसे अच्छी आमदनी हो रही है। वह इन गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहती है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने हिरना बाई के कार्य की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को उत्पादों की मार्केटिंग में सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि हिरना बाई आने वाले समय में महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी।
खरीदी के साथ परिवहन की गति बढ़ाएं
चाबी में उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने खरीदी जा रही धान की गुणवत्ता तथा नमी की जांच की। उन्होंने किसानों को भेजे जा रहे एसएमएस तथा बारदाना की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शेष बचे किसानों से भी जल्द खरीदी की जाए। बारदानों में किसान का कोड अनिवार्य रूप से लिखा जाए। खरीदी के साथ परिवहन कार्य में भी गति लायंे। खुले में रखी धान की सुरक्षा के समुचित प्रबंध करें। कलेक्टर ने खरीदी केन्द्र में उपस्थित कर्मचारियों तथा उपस्थित किसानों से भुगतान के संबंध में जानकारी ली।
अध्यापन कार्य में तकनीकि का सहयोग लें
हायर सेकण्डरी स्कूल चाबी का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि कोविड-19 के कारण अध्यापन कार्य प्रभावित हुआ है। इंटरनेट तथा तकनीकि का सहयोग लेते हुए विद्यार्थियों का कोर्स पूर्ण कराया जाए। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बोर्ड परीक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए अध्यापन कार्य सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने उपस्थित छात्र छात्राओं से ऑनलाईन क्लासेस का फीडबैक भी लिया। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने चर्चा के दौरान बच्चों से स्वयं मॉस्क लगाने तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने की बात कही। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने परिवारजन तथा पड़ोसियों को भी कोविड-19 के संक्रमण से बचने सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने स्कूल में बची हुई पुस्तकों को मांग के अनुरूप अन्य स्कूलों से समायोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा कैरियर मार्गदर्शन की दिशा में भी गंभीरता से कार्य किया जाए।
